लोड हो रहा है...

बालिकाओं को बेहतर मेंस्ट्रुअल हाइजीन जानकारी देने के लिए सीखो सिखाओ फाउंडेशन ने सीतापुर में शिक्षकों को किया जागरूक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

सीतापुर, सितंबर, 2026 : गैर-लाभकारी ग्रासरूट शिक्षा पहल सीखो सिखाओ फाउंडेशन (एसएसएफ) ने एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के सहयोग से उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के 20 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) और 4 सरकारी गर्ल्स इंटर कॉलेजों के शिक्षकों और प्रतिनिधियों के लिए मेंस्ट्रुअल हाइजीन ओरिएंटेशन वर्कशॉप का आयोजन किया। वर्कशॉप जिला विद्यालय निरीक्षक ऑडिटोरियम, सीतापुर में हुई। इसका उद्देश्य शिक्षकों को मेंस्ट्रुअल हाइजीन के बारे में जरूरी जानकारी देना और स्कूलों में बालिकाओं के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और मददगार माहौल बनाने में उनकी भूमिका को मजबूत करना था। इस पहल के तहत बालिकाओं को फैबपैड द्वारा बनाई गई मेंस्ट्रुअल हाइजीन गरिमा किट्स दी जाएँगी। हर किट में 5 दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले कपड़े के पैड, 2 अंडरगारमेंट्स, 1 वॉशिंग सोप और एक इंस्ट्रक्शन बुकलेट है। री-यूजेबल पैड मेंस्ट्रुअल हाइजीन के लिए आसान और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प हैं।

वर्कशॉप की अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक ने की, जबकि डॉ. गोरखनाथ पटेल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कीनोट स्पीकर के तौर पर प्रतिभागियों को संबोधित किया। वर्कशॉप में शिक्षकों और प्रतिनिधियों को मेंस्ट्रुअल हाइजीन से जुड़ी जरूरी बातें बताई गईं। उन्हें बालिकाओं से इस विषय पर संवेदनशील और सम्मान के साथ बात करने और स्कूल स्तर पर जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित करने के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही, मेंस्ट्रुअल हाइजीन किट्स के सही इस्तेमाल, उन्हें धोने, सुखाने और संभालकर रखने के बारे में बताया गया।

सीखो सिखाओ फाउंडेशन के मैनेजर श्री मनीष सिंह ने कहा, “फाउंडेशन इस जरूरी पहल में सहयोग देने के लिए एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया का आभार व्यक्त करता है। पिछले छह वर्षों से फाउंडेशन बच्चों तक बेहतर शिक्षा पहुँचाने और शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाने के लिए काम कर रहा है। इस पहल के जरिए हमारा उद्देश्य बालिकाओं में मेंस्ट्रुअल हाइजीन को लेकर जागरूकता बढ़ाना और उन्हें जरूरी मदद और संसाधन उपलब्ध कराना है।”

- Advertisement -

इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में मेंस्ट्रुअल हाइजीन को लेकर जागरूकता बढ़ाना और स्कूलों में उनके लिए सुरक्षित, स्वस्थ और मददगार माहौल तैयार करना है।
सीखो सिखाओ फाउंडेशन के बारे में:

सीखो सिखाओ फाउंडेशन (एसएसएफ) एक गैर-लाभकारी संस्था है, जिसकी शुरुआत जुलाई 2019 में हुई थी। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में बेहतर शिक्षा पहुँचाने में सरकार के साथ मिलकर काम करना और शिक्षा व्यवस्था में मौजूद जरूरी कमियों को दूर करना है। एसएसएफ तीन प्रमुख क्षेत्रों में काम करता है- कॉम्पिटेंसी-बेस्ड एजुकेशन, कम्युनिटी की भागीदारी को मजबूत करना और रूरल यूथ फेलोशिप। इन प्रयासों के जरिए सरकारी स्कूलों में लंबे समय तक बने रहने वाला और व्यवस्था में बदलाव लाने वाला काम किया जाता है। वित्त वर्ष 2025-26 तक एसएसएफ उत्तर प्रदेश के 15 जिलों, 874 स्कूलों, 453 ग्राम पंचायतों और 44 ब्लॉक्स में काम कर रहा है।

Featured Article

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।