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अनमोल टीवी के ‘हमारी राधा’ में गिरधर के ठुकराने पर शनाया का सामना करने पहुँची राधा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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उत्तर प्रदेश, अक्टूबर, 2026: ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेस लिमिटेड (ZEEL) के फ्री-टू-एयर (FTA) हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनल अनमोल टीवी के पहले ओरिजिनल शो ‘हमारी राधा’ में राधा (सिमरन कौर) और गिरधर (अक्षय म्हात्रे) के रिश्ते में तनाव अब एक ऐसे मोड़ पर पहुँच गया है, जहाँ गिरधर के साथ अपनी शादी को बचाने की राधा की कोशिशें उसे दुःख और अपमान का सामना करने पर मजबूर कर रही हैं। जब बजरंगी, राधा की ओर से गिरधर के लिए खाना लेकर पहुँचता है और शनाया (वैदेही नायर) को पता चलता है कि खाना राधा ने भेजा है, तो वह उसे फेंक देती है और गिरधर से कहती है कि वह अपनी पत्नी से इस बारे में बात करे। इस पर गिरधर गुस्से में राधा को उसे भूल जाने की चेतावनी देता है। गिरधर की यह बात सुनकर राधा बुरी तरह टूट जाती है, जबकि आनंद उसे समझाने और बीच-बचाव करने की कोशिश करता है।

बार-बार ठुकराए जाने और अपमान सहने के बाद आखिरकार राधा खुद शनाया का सामना करने का फैसला करती है। वह ऑफिस के बाहर शनाया से भिड़ जाती है और उस पर हमला कर देती है, जिसके बाद शनाया को ऑटो में बैठकर वहाँ से भागना पड़ता है। गिरधर को वापस पाने की राधा की कोशिशें अब उस महिला से सीधे टकराव में बदल जाती हैं, जो उसके और गिरधर के बीच आ गई है। ऐसे में, अपनी शादी को बचाने के लिए राधा की लड़ाई अब एक नई दिशा की तरफ रुख कर चुकी है।

क्या शनाया से राधा का यह सामना गिरधर के साथ उसके रिश्ते की दिशा बदल पाएगा? क्या इस बार राधा अपने हौंसले के दम पर अपनी शादी में अपना स्थान वापस पाने में कामयाब होगी या फिर उसकी मुश्किलें और बढ़ जाएँगी?

देखिए ‘हमारी राधा’ हर रात 9:30 बजे, सिर्फ अनमोल टीवी पर।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।