नई दिल्ली | गुरुवार, 23 जुलाई 2026
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का प्रमुख प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर गुरुवार देर रात पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प का गवाह बना। स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब प्रदर्शन कर रहे लोगों के एक गुट ने निर्धारित सुरक्षा घेरा (बैरिकेडिंग) तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद हुए पथराव और बवाल के बाद दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने कड़ा रुख अपनाया है।
कैसे भड़की हिंसा?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों का एक समूह सुरक्षा बलों द्वारा तय की गई सीमा को लांघकर प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहा था।
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शुरुआती कहासुनी: सुरक्षा बलों द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई।
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पथराव और उपद्रव: देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया और भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
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बल प्रयोग: उपद्रव में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और जवान चोटिल हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस और RAF को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और सीमित बल प्रयोग करना पड़ा।
घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत निकटतम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज से पहचान, सख्त कार्रवाई की तैयारी
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा और कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
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डिजिटल साक्ष्य: घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों, ड्रोन रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल फुटेज के जरिए पथराव करने वालों की पहचान की जा रही है।
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पासपोर्ट रद्द करने की सिफारिश: पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में जो भी व्यक्ति हिंसा, पथराव या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा, सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) से उनके पासपोर्ट रद्द करने की सिफारिश भी की जा सकती है।
लुटियंस दिल्ली में अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था
घटना के तुरंत बाद जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली से जोड़ने वाली सभी प्रमुख सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है:
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अतिरिक्त बल की तैनाती: जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील मार्गों पर दिल्ली पुलिस और RAF के अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है।
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सघन चेकिंग: सभी प्रमुख चौराहों पर बैरिकेड्स लगाकर वाहनों की गहन तलाशी ली जा रही है।
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ड्रोन से निगरानी: पूरे इलाके पर ड्रोन कैमरों के माध्यम से 24 घंटे विशेष नजर रखी जा रही है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: जंतर-मंतर पर गुरुवार देर रात क्या हुआ था?
उत्तर: प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने सुरक्षा बैरिकेड्स पार करने का प्रयास किया, जिससे पुलिस के साथ झड़प हो गई। पथराव होने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
प्रश्न 2: क्या इस घटना में पुलिसकर्मी घायल हुए हैं?
उत्तर: हाँ, उपद्रवियों द्वारा किए गए पथराव में कई पुलिसकर्मी और वरिष्ठ अधिकारी घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है।
प्रश्न 3: क्या हिंसा करने वालों का पासपोर्ट तुरंत रद्द कर दिया जाएगा?
उत्तर: नहीं। पुलिस केवल जांच में दोषी पाए गए आरोपियों के मामलों में सक्षम प्राधिकारी को पासपोर्ट रद्द करने की सिफारिश भेज सकती है। अंतिम फैसला पासपोर्ट अधिनियम के तहत संबंधित प्राधिकारी द्वारा ही लिया जाता है।
प्रश्न 4: वर्तमान में जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्र की स्थिति कैसी है?
उत्तर: पुलिस के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। क्षेत्र में भारी पुलिस बल और RAF तैनात है तथा ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट उपलब्ध पुलिस बयानों और प्राथमिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मामले में आधिकारिक जांच जारी है। किसी भी कानूनी कार्यवाही या अंतिम फैसले का अधिकार संबंधित सक्षम प्राधिकारियों के पास सुरक्षित है।
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