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बांग्लादेश में फिर बड़ा राजनीतिक भूचाल: राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन दे सकते हैं इस्तीफा, शेख हसीना की वापसी से गरमाई सियासत

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ढाका स्थित राष्ट्रपति भवन बंगभवन के बाहर कड़े सुरक्षा इंतज़ाम और राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन।

ढाका । गुरुवार, 23 जुलाई 2026

बांग्लादेश एक बार फिर गंभीर राजनीतिक मोड़ पर खड़ा नज़र आ रहा है। मीडिया रिपोर्टों और उच्चस्तरीय राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, देश के 22वें राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन समय से पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। अप्रैल 2023 में 5 साल के कार्यकाल के लिए चुने गए शहाबुद्दीन का कार्यकाल अभी करीब दो साल बाकी है, लेकिन हालिया घटनाक्रमों ने उनके पद छोड़ने की चर्चाओं को अत्यधिक तेज़ कर दिया है।

यदि राष्ट्रपति शहाबुद्दीन इस्तीफा देते हैं, तो अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद यह बांग्लादेशी राजनीति में सबसे बड़ा संवैधानिक बदलाव होगा।

राष्ट्रपति के इस्तीफे की चर्चा अचानक क्यों तेज़ हुई?

बांग्लादेशी मीडिया और राजनीतिक गलियारों में पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। सरकार और मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व उनके साथ असहज महसूस कर रहा है।

इसके पीछे तीन मुख्य कारण सामने आ रहे हैं:

  1. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से कथित बातचीत: स्थानीय समाचार पत्र प्रोथोम आलो और द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि राष्ट्रपति ने विदेश यात्रा (लंदन) के दौरान भारत में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर संपर्क साधने की कोशिश की थी। सरकार इस घटनाक्रम से काफी नाराज बताई जा रही है।

  2. पुराने शासन के अंतिम संवैधानिक प्रतीक: अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के बाद तत्कालीन सरकार के लगभग सभी शीर्ष पदाधिकारी पदमुक्त हो चुके थे, लेकिन शहाबुद्दीन अपने पद पर बने रहे। नए प्रशासन का मानना है कि जनांदोलन से पहले के चेहरे को शीर्ष संवैधानिक पद पर बनाए रखना अब उचित नहीं है।

  3. शेख हसीना का वापसी का ऐलान: बीएनपी (BNP) नेताओं के अनुसार, मामला केवल फोन कॉल तक सीमित नहीं है। शेख हसीना द्वारा भारत से बांग्लादेश लौटने की योजना की घोषणा के बाद देश की सुरक्षा और राजनीतिक संवेदनशीलता काफी बढ़ गई है।

संवैधानिक प्रक्रिया: इस्तीफे के बाद क्या होगा?

बांग्लादेश के संविधान के अनुसार, यदि राष्ट्रपति इस्तीफा सौंपते हैं, तो सरकार में निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:

  • इस्तीफा किसे सौंपा जाएगा: राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र संसद के अध्यक्ष (Speaker) को सौंपेंगे।

  • कार्यवाहक राष्ट्रपति: नए राष्ट्रपति का चुनाव होने तक संसद के अध्यक्ष अंतरिम/कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर दायित्व संभालेंगे।

  • 90 दिनों में चुनाव: संविधान के अनुच्छेद 123 के तहत पद खाली होने के 90 दिनों के भीतर संसद द्वारा नए राष्ट्रपति का चुनाव किया जाएगा। चूँकि सत्तारूढ़ बीएनपी के पास बहुमत है, इसलिए नया राष्ट्रपति बीएनपी समर्थित उम्मीदवार ही बनेगा।

शेख हसीना की वापसी और कानूनी शिकंजा

शेख हसीना ने हाल ही में घोषणा की है कि वह बांग्लादेश लौटने की योजना बना रही हैं। हालाँकि, उनकी वापसी बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाली है:

  • मौत की सजा का फैसला: बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) ने जुलाई आंदोलन के दौरान मानवता के खिलाफ कथित अपराधों के आरोप में शेख हसीना को अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई है।

  • कानूनी कार्रवाई: सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि वह लौटती हैं, तो उन्हें तुरंत न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के आदेशों का सामना करना पड़ेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन कब चुने गए थे?

उत्तर: मोहम्मद शहाबुद्दीन को अप्रैल 2023 में 5 साल के कार्यकाल के लिए बांग्लादेश का 22वां राष्ट्रपति चुना गया था।

Q2: यदि बांग्लादेश के राष्ट्रपति इस्तीफा देते हैं तो पद कौन संभालता है?

उत्तर: बांग्लादेशी संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति के इस्तीफे की स्थिति में संसद के अध्यक्ष (Speaker) कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण करते हैं जब तक कि 90 दिनों के भीतर नया चुनाव न हो जाए।

Q3: शेख हसीना इस समय कहाँ हैं और उनके खिलाफ क्या अदालती आदेश है?

उत्तर: अगस्त 2024 में पद छोड़ने के बाद से शेख हसीना भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में मौत की सजा सुनाई है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख मीडिया रिपोर्टों, आधिकारिक बयानों और बांग्लादेशी राजनीतिक सूत्रों से प्राप्त ताज़ा जानकारियों पर आधारित है। राजनीतिक स्थिति में आने वाले परिवर्तनों के अनुसार तथ्यों में अद्यतन (updates) संभव हैं।

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