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विंडोज़ प्रोडक्शन की ‘बोहुरूपी- द गोल्डन डाकू’ 23 अक्टूबर को होगी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रिलीज़, बंगाल में 7 दिनों में 5.44 करोड़ रुपए की शानदार कमाई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई, अक्टूबर, 2026: शिबोप्रसाद मुखर्जी और जीशु सेनगुप्ता अभिनीत यह फिल्म बंगाल में सफल थिएट्रिकल रन के बाद भारत के विभिन्न हिस्सों और विदेशी दर्शकों तक पहुँचने के लिए तैयार है।

नंदिता रॉय और शिबोप्रसाद मुखर्जी के निर्देशन में बनी विंडोज़ प्रोडक्शन की ‘बोहुरूपी- द गोल्डन डाकू’ 23 अक्टूबर, 2026 को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रिलीज़ होने जा रही है। बंगाल की मिट्टी से जुड़ी इस कहानी को अब इसके घरेलू बाज़ार से बाहर के दर्शकों तक पहुँचाया जाएगा। फिल्म ने बंगाल में 7 दिनों में 5.44 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन और 4.81 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन दर्ज किया है।

फिल्म की व्यापक रिलीज़ इसके सफर का एक महत्वपूर्ण नया अध्याय है, क्योंकि अब यह भारत के विभिन्न हिस्सों और विदेशों के दर्शकों से जुड़ने के लिए तैयार है। केजीएफ और कांतारा जैसी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी सफल फिल्मों का समर्थन करने के लिए मशहूर होम्बाले फिल्म्स इस फिल्म के विदेशी वितरण की ज़िम्मेदारी संभालेगा। यह साझेदारी विंडोज़ प्रोडक्शन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और बंगाल की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से निकली कहानी को अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों तक पहुँचाने का अवसर प्रदान करती है।

वर्ष 2026 में अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा विंडोज़ प्रोडक्शन, ‘बोहुरूपी- द गोल्डन डाकू’ के माध्यम से क्षेत्रीय कहानियों को भौगोलिक सीमाओं से परे ले जाने की अपनी यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। शिबोप्रसाद मुखर्जी और जीशु सेनगुप्ता अभिनीत यह फिल्म एक कुख्यात डाकू और उसे न्याय के कटघरे तक पहुँचाने के लिए दृढ़ संकल्पित पुलिस अधिकारी के बीच चलने वाली गहन टक्कर की कहानी है। फिल्म में एक्शन, सस्पेंस और बंगाल की सशक्त सांस्कृतिक पहचान का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

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फिल्म को मिल रही प्रतिक्रिया और इसकी आगामी रिलीज़ पर बात करते हुए नंदिता रॉय और शिबोप्रसाद मुखर्जी ने संयुक्त बयान में कहा, “यह हमेशा खास होता है, जब आपकी बनाई हुई कहानी दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना लेती है। ‘बोहुरूपी- द गोल्डन डाकू’ बंगाल की मिट्टी से गहराई से जुड़ी हुई फिल्म है। दर्शकों को इसके किरदारों और फिल्म की दुनिया को अपनाते हुए देखना हमारे लिए बेहद संतोषजनक रहा है। बंगाल में मिली प्रतिक्रिया ने हमें 23 अक्टूबर को होने वाली राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय रिलीज़ के लिए काफी प्रोत्साहित किया है। हमें उम्मीद है कि दूसरे क्षेत्रों के दर्शक भी इस फिल्म से उसी तरह जुड़ेंगे। विंडोज़ के 25 वर्ष पूरे होने के इस खास अवसर पर बंगाल से इतनी गहराई से जुड़ी कहानी को व्यापक दर्शकों तक पहुँचाना हमारे लिए विशेष मायने रखता है।”

23 अक्टूबर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रिलीज़ होने के साथ, ‘बोहुरूपी- द गोल्डन डाकू’ बंगाल में अपनी सफल यात्रा को आगे बढ़ाते हुए अपनी कहानी को और भी बड़े सिनेमाई दर्शक वर्ग तक पहुँचाने के लिए तैयार है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।