लखनऊ. उत्तर भारत में मौसम ने करवट बदल ली है। एक शक्तिशाली ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने से पहाड़ों पर भारी हिमपात और मैदानी इलाकों, विशेषकर उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश हुई है। इस मौसमी बदलाव ने जहाँ एक तरफ किसानों के चेहरे पर चमक ला दी है, वहीं आम जनजीवन और पर्यटकों के लिए भारी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
🏔️ पहाड़ों का हाल: बर्फ की सफेद चादर में सिमटा जनजीवन
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में पिछले 24 घंटों से लगातार बर्फबारी हो रही है।
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हिमाचल प्रदेश: लाहौल-स्पीति, चंबा और कुल्लू में भारी हिमपात के कारण 500 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। राज्य के कई हिस्सों में बिजली की लाइनें टूटने से अंधेरा छाया हुआ है।
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मसूरी और नैनीताल: पर्यटकों के लिए खुशखबरी और चुनौती एक साथ आई है। मसूरी के लाल टिब्बा और नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। मॉल रोड पर पर्यटकों का हुजूम उमड़ पड़ा है, लेकिन फिसलन के कारण ट्रैफिक रेंग रहा है।
🌧️ उत्तर प्रदेश: बारिश के बाद ‘कोल्ड डे’ का अलर्ट
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का सीधा असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर पड़ा है।
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बारिश और ओलावृष्टि: लखनऊ, कानपुर, नोएडा और गाजियाबाद समेत कई जिलों में रात भर रुक-रुक कर बारिश हुई है। कुछ इलाकों में मामूली ओलावृष्टि की भी खबर है।
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तापमान में गिरावट: बारिश के बाद चल रही पछुआ हवाओं ने गलन बढ़ा दी है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) की चेतावनी जारी की है। अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
⚠️ पर्यटकों के लिए विशेष एडवाइजरी
यदि आप इस वीकेंड पहाड़ों की ओर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो प्रशासन की इन बातों का ध्यान रखें:
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रात में ड्राइविंग से बचें: पाला (Black Ice) जमने के कारण सड़कें बेहद फिसलन भरी हैं।
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होटल बुकिंग: केवल पक्की बुकिंग होने पर ही ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा करें।
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जरूरी सामान: अपने साथ भारी ऊनी कपड़े, जरूरी दवाएं और पावर बैंक जरूर रखें।
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स्थानीय अपडेट: यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय पुलिस या आपदा प्रबंधन की वेबसाइट जरूर चेक करें।
Matribhumisamachar


