नई दिल्ली. सांप के काटने पर दी जाने वाली एंटी-स्नेक वेनम (ASV) दवाओं के दुष्प्रभावों (Side Effects) पर हाल ही में, विशेषकर जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, कई महत्वपूर्ण रिसर्च और रिपोर्ट्स सामने आई हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और अन्य वैश्विक संस्थानों के अध्ययन बताते हैं कि यह जीवन रक्षक दवा कई बार स्वयं एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन जाती है।
1. मुख्य निष्कर्ष: हर छठे मरीज पर दुष्प्रभाव
ताजा शोध के अनुसार, भारत में सर्पदंश के इलाज के दौरान हर छठे मरीज (लगभग 17.2%) में एंटी-स्नेक वेनम के प्रतिकूल प्रभाव देखे जा रहे हैं। कुछ अध्ययनों में यह आंकड़ा इससे भी अधिक पाया गया है।
दुष्प्रभावों का वर्गीकरण
रिसर्च में इन साइड इफेक्ट्स को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:
| श्रेणी | समय सीमा | मुख्य लक्षण |
| एक्यूट (तीव्र) रिएक्शन | इंजेक्शन के 10-180 मिनट के भीतर | खुजली, पित्ती (Urticaria), खांसी, मतली, उल्टी, और पेट दर्द। |
| एनाफिलेक्टिक शॉक | तत्काल (गंभीर स्थिति) | ब्लड प्रेशर का तेजी से गिरना, सांस लेने में तकलीफ (Bronchospasm), और बेहोशी। |
| सीरम सिकनेस (Delayed) | 5 से 20 दिनों के बाद | बुखार, जोड़ों में दर्द (Arthralgia), मांसपेशियों में दर्द, और त्वचा पर चकत्ते। |
2. दीर्घकालिक और गंभीर प्रभाव (Long-term Impacts)
2025-26 की रिपोर्ट्स के अनुसार, ASV के केवल तात्कालिक ही नहीं, बल्कि कुछ दीर्घकालिक दुष्प्रभाव भी दर्ज किए गए हैं:
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न्यूरोलॉजिकल समस्याएं: लगभग 2.3% मरीजों में तंत्रिका तंत्र से जुड़ी दिक्कतें पाई गईं।
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किडनी और हृदय संबंधी जटिलताएं: कुछ मामलों में दवा के रिएक्शन के कारण किडनी फेलियर या दिल की धड़कन अनियंत्रित होने जैसी समस्याएं देखी गई हैं।
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मनोवैज्ञानिक असर: इलाज के बाद मरीजों में लंबे समय तक तनाव और चिंता (Anxiety) के लक्षण भी पाए गए हैं।
3. साइड इफेक्ट्स के कारण: ‘फॉरेन प्रोटीन’ का हमला
सांप के जहर की दवा (ASV) आमतौर पर घोड़ों या भेड़ों के रक्त प्लाज्मा से बनाई जाती है।
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कारण: मानव शरीर इन जानवरों के प्रोटीन को एक “बाहरी तत्व” (Foreign Substance) के रूप में पहचानता है, जिससे इम्यून सिस्टम अत्यधिक सक्रिय हो जाता है और एलर्जी या रिएक्शन पैदा करता है।
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गुणवत्ता का मुद्दा: शोधकर्ताओं का मानना है कि दवा के शुद्धिकरण (Purification) की प्रक्रिया में कमी और निर्माण के दौरान होने वाली अशुद्धियां (Pyrogens) भी इन साइड इफेक्ट्स के लिए जिम्मेदार हैं।
4. नई तकनीक और समाधान: ‘संजीवनी’ की खोज
पारंपरिक ASV के इन खतरों को देखते हुए वैज्ञानिक अब नेक्स्ट-जेनरेशन एंटीवेनम पर काम कर रहे हैं:
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SMI (Small-Molecule Inhibitors): हालिया रिसर्च में ऐसी गोलियों (Pills) का परीक्षण किया गया है जो जहर के अणुओं को सीधे निशाना बनाती हैं। इनका साइड इफेक्ट न के बराबर होता है और इन्हें अस्पताल पहुंचने से पहले ही लिया जा सकता है।
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नैनोबॉडीज (Nanobodies): अफ्रीकी और एशियाई सांपों पर हुई रिसर्च में नैनोबॉडीज का उपयोग किया गया है, जो शरीर के ऊतकों में गहराई तक जाकर जहर को बेअसर करती हैं और पारंपरिक ASV की तुलना में बहुत सुरक्षित मानी जा रही हैं।
महत्वपूर्ण नोट: साइड इफेक्ट्स के बावजूद, सांप के जहर के इलाज के लिए वर्तमान में एंटी-स्नेक वेनम ही एकमात्र प्रभावी विकल्प है। डॉक्टर आमतौर पर रिएक्शन को रोकने के लिए ASV के साथ एड्रेनालिन (Adrenaline) या स्टेरॉयड का उपयोग करते हैं।
नोट : कृपया अस्वस्थ होने पर विशेषज्ञ से चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें.
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