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“पर्दे पर चिड़िया को मार्गदर्शन देना ऐसा था, मानो वह अपनी असल ज़िंदगी की बहन सानिया को सलाह दे रही हो”: सुम्बुल तौकीर खान, इत्ती सी खुशी, सोनी सब

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई, फरवरी 2026: सोनी सब का शो इत्ती सी खुशी, अन्विता (सुम्बुल तौकीर खान) की कहानी के ज़रिए दर्शकों के दिलों को छू रहा है, जो अपने छोटे भाई-बहनों की ज़िम्मेदारी उठाती है। शो में सही-गलत के बीच की जद्दोजहद और खोताचिवाड़ी में रहस्यमयी चोरी की घटनाओं के बीच बढ़ती खाई को दिखाया जा रहा है। इसी दौरान अन्विता और उसकी छोटी बहन चिड़िया (आयेशा विंधारा) का रिश्ता कहानी का अहम् हिस्सा बन गया है।

वर्तमान ट्रैक में चिड़िया सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के लव की चमक-दमक से प्रभावित हो जाती है। उसके दोस्त, जो के लव को फॉलो करते हैं, उसे बताते हैं कि उनके ग्रुप का हिस्सा बनने के लिए उसे इन्फ्लुएंसर द्वारा दिए गए चैलेंज पूरे करने होंगे। अपनापन पाने की चाह में चिड़िया इन चैलेंजेस को करने लगती है और धीरे-धीरे उसमें बदलाव आने लगता है, जो उसकी बड़ी बहन अन्विता को परेशान करता है। अन्विता उसे प्यार और धैर्य से सही-गलत का फर्क समझाने की कोशिश करती है। इन दृश्यों को निभाते हुए सुम्बुल तौकीर खान ने बताया कि यह अनुभव उनके लिए बेहद निजी रहा, क्योंकि उन्हें अपनी असल ज़िंदगी की बहन सानिया के साथ हुई बातचीत की याद दिलाता है।

अपने अनुभव के बारे में खुलकर बात करते हुए, सुम्बुल तौकीर खान ने साझा किया, “यह ट्रैक मेरे लिए बहुत खास है क्योंकि यह बिल्कुल असलियत जैसा है। जब अन्विता चिड़िया को बैठाकर समझाती है कि क्या सही है और क्या शायद उसके लिए अच्छा नहीं होगा, तो मुझे ऐसा नहीं लगता कि मैं अभिनय कर रही हूं। यह सचमुच ऐसा लगता है जैसे मैं अपनी बहन सानिया से बात कर रही हूं। मैं असल ज़िंदगी में उसके लिए बहुत प्रोटेक्टिव हूं और जब भी वह उलझन में होती है या परेशान होती है, तो मैं अपने आप ‘बड़ी बहन वाले मोड’ में चली जाती हूं। इसलिए जब अन्विता चिड़िया को प्यार से समझाती है, तो यह मेरे लिए बहुत नैचुरल था। असल ज़िंदगी में भी मैंने कई बार उससे दोस्तों, इन्फ्लुएंसेज़ और उन फैसलों के बारे में बात की है जो उस पल में रोमांचक लगते हैं लेकिन हमेशा सही नहीं होते। यह प्रोटेक्टिव इंस्टिंक्ट मेरे अंदर स्वाभाविक है। मुझे लगता है कि यही असली रिश्ता स्क्रीन पर भी झलकता है और उनकी बॉन्डिंग को खास बनाता है।”

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“सोनी सब पर ‘इत्ती सी खुशी’ देखना न भूलें, हर सोमवार से शनिवार रात 9 बजे केवल सोनी सब पर।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।