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भारतीय रेलवे के नए नियम 2026: अब 30 मिनट पहले बदलें बोर्डिंग स्टेशन, जानें रिफंड के 4 नए स्लैब

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली | मंगलवार, 24 मार्च 2026

भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने यात्रा को और अधिक लचीला और डिजिटल-फ्रेंडली बनाने के लिए अपने नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। रेल मंत्रालय द्वारा घोषित 8वें और 9वें रेल सुधारों के तहत, अब यात्रियों को टिकट रद्द करने पर रिफंड के नए स्लैब का सामना करना होगा। साथ ही, बोर्डिंग पॉइंट बदलने की समय सीमा को घटाकर मात्र 30 मिनट कर दिया गया है, जो करोड़ों रेल यात्रियों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।

रिफंड के नियमों में बड़ा फेरबदल

रेलवे ने कैंसलेशन शुल्क को समय के आधार पर चार श्रेणियों में बांट दिया है। अब आप ट्रेन छूटने के जितने पहले टिकट रद्द करेंगे, उतना ही कम नुकसान होगा।

  • 72 घंटे पहले (गोल्डन पीरियड): यदि आप यात्रा से 30 दिन से लेकर 72 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको अधिकतम रिफंड मिलेगा। इसमें केवल न्यूनतम क्लेरिकल चार्ज काटा जाएगा।

  • 72 से 24 घंटे के बीच: इस अवधि में टिकट रद्द करने पर कुल किराए का 25% जुर्माना लगेगा और यात्री को 75% राशि वापस मिलेगी।

  • 24 से 8 घंटे के बीच: अंतिम क्षणों में प्लान बदलने पर अब भारी कटौती होगी। इस दौरान कैंसलेशन पर 50% रिफंड ही देय होगा।

  • 8 घंटे से कम समय: ध्यान दें! यदि ट्रेन के प्रस्थान में 8 घंटे से कम समय बचा है, तो रेलवे कोई रिफंड (Zero Refund) नहीं देगा।

30 मिनट वाला ‘गेम चेंजर’ नियम

अक्सर देखा जाता है कि यात्री बड़े शहरों में ट्रैफिक या अन्य कारणों से अपने निर्धारित स्टेशन पर नहीं पहुंच पाते। इसे देखते हुए रेलवे ने 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग पॉइंट बदलने की अनुमति दे दी है।

उदाहरण के तौर पर: अगर आपकी ट्रेन ‘नई दिल्ली’ से है और आप वहां नहीं पहुंच पा रहे, तो आप मोबाइल ऐप के जरिए मात्र 30 मिनट पहले अपना बोर्डिंग ‘आनंद विहार’ या ट्रेन के अगले स्टॉपेज पर शिफ्ट कर सकते हैं। पहले यह सीमा 24 घंटे हुआ करती थी।

कैंसलेशन रिफंड चार्ट (एक नजर में)

समय सीमाकटौती (Penalty)वापस मिलने वाली राशि
72 घंटे से पहलेन्यूनतम शुल्कअधिकतम राशि
72 – 24 घंटे25%75%
24 – 8 घंटे50%50%
8 घंटे से कम100%शून्य (0)

डिजिटल सुधारों का असर

रेलवे के मुताबिक, ये नियम ‘मिशन डिजिटल रेल’ का हिस्सा हैं। 2026 के इन नए सुधारों का उद्देश्य वेटिंग लिस्ट को कम करना और रिफंड प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है। ऑटोमेटेड रिफंड सिस्टम के जरिए अब कैंसिल की गई राशि 24 से 48 घंटों के भीतर सीधे यात्री के बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।