नई दिल्ली | शुक्रवार, 24 जुलाई 2026
NEET-UG परीक्षा में धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजनीति और सड़कों पर घमासान तेज होता जा रहा है। पिछले एक महीने से जारी छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार का रुख अब सख्त रवैये से बदलकर बातचीत की ओर मुड़ा है। हालांकि, गतिरोध अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को जानकारी दी कि सरकार कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के साथ किसी भी समय चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि बीते 24 घंटों में CJP नेतृत्व को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय पर वार्ता के लिए 4 बार औपचारिक न्योता भेजा जा चुका है।
‘बंद कमरों में नहीं, न्यूट्रल जगह पर होगी बात’
सरकार की इस पहल को खारिज करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना रुख साफ कर दिया है। संगठन का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है, तो उसे बंद कमरों की बजाय जंतर-मंतर पर आना होगा या किसी निष्पक्ष (न्यूट्रल) स्थान पर चर्चा करनी होगी। CJP नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी नेता के निजी आवास या राजनीतिक कार्यालय में वार्ता के लिए नहीं जाएंगे।
वार्ता विफल होने के बाद CJP ने 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का बड़ा ऐलान किया है। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगें हैं:
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NEET पेपर लीक मामले में शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।
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निष्पक्ष जांच पूरी होने तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा दें।
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की चेतावनी
जंतर-मंतर पर 20 जून से चल रहे इस आंदोलन को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने अपने छात्रों और प्रोफेसर्स के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि कोई भी छात्र या शिक्षक जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों में हिस्सा न ले। विश्वविद्यालय प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है, जिससे उनके शैक्षणिक और पेशेवर करियर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
20 जुलाई का लाठीचार्ज और सोनम वांगचुक का अनशन
जंतर-मंतर पर 20 जून से धरना दे रहे छात्रों ने जब 20 जुलाई को संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश की थी, तब पुलिस बल प्रयोग और लाठीचार्ज के कारण स्थिति बिगड़ गई थी।
इसी आंदोलन के समर्थन में उतरे प्रसिद्ध शिक्षाविद व पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के अनशन का आज 26वां दिन है। बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण वे इस समय मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल से संदेश जारी करते हुए सोनम वांगचुक ने कहा:
“अगर सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों और नेताओं पर दर्ज मामलों को वापस लेने और किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न करने का लिखित आश्वासन देती है, तो मैं तुरंत अपना अनशन समाप्त कर दूंगा।”
सरकारी रुख में बदलाव के मायने
शुरुआती दौर में इस आंदोलन को खारिज करने और प्रशासनिक सख्ती बरतने के बाद अब सरकार का बातचीत की मेज पर आना यह दर्शाता है कि NEET पेपर लीक मामला एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह होगा कि 24 जुलाई के राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के बीच क्या दोनों पक्ष किसी न्यूट्रल वेन्यू पर बातचीत के लिए सहमत होते हैं या यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा।
Frequently Asked Questions (FAQ)
Q1. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 24 जुलाई को प्रदर्शन क्यों कर रही है?
Ans: CJP NEET-UG परीक्षा पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर 24 जुलाई को देशव्यापी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही है।
Q2. सरकार और CJP के बीच बातचीत क्यों अटकी हुई है?
Ans: सरकार ने जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बातचीत का प्रस्ताव दिया था, जिसे CJP ने ठुकराते हुए जंतर-मंतर या किसी न्यूट्रल जगह पर वार्ता करने की शर्त रखी है।
Q3. सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने के लिए क्या शर्त रखी है?
Ans: सोनम वांगचुक ने कहा है कि यदि सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई भी कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई न करने का ठोस आश्वासन दे, तो वे अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
Q4. दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपने छात्रों को क्या चेतावनी दी है?
Ans: DU ने अपने छात्रों और प्रोफेसर्स को जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल न होने की सलाह दी है और उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई व करियर पर असर पड़ने की चेतावनी दी है।
Disclaimer
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए प्रस्तुत किया गया है। इसमें दी गई जानकारियां हालिया घटनाक्रमों, आधिकारिक बयानों और प्रेस वार्ताओं पर आधारित हैं।
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