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India’s Got Latent 2 Controversy: समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ पर फिर बढ़ा विवाद, मुकेश छाबड़ा और नेटफ्लिक्स इंडिया के खिलाफ शिकायत दर्ज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

मुंबई ।

कॉमेडियन समय रैना का लोकप्रिय और अक्सर चर्चाओं में रहने वाला डिजिटल रियलिटी शो ‘India’s Got Latent 2’ एक बार फिर कानूनी व सामाजिक विवादों के घेरे में आ गया है। मुंबई में दर्ज कराई गई एक ताजा शिकायत के बाद बॉलीवुड के नामी कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा और ओटीटी दिग्गज Netflix India की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।

शिकायतकर्ता अनुराग श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि शो के हालिया एपिसोड में मुकेश छाबड़ा द्वारा अत्यधिक आपत्तिजनक, अश्लील और sexually suggestive भाषा का प्रयोग किया गया है।

 

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क्या है पूरा मामला और किस बात पर हुआ विवाद?

शिकायतकर्ता के अनुसार, 22 सितंबर की शाम उन्होंने मुंबई के एक होटल में नेटफ्लिक्स पर ‘India’s Got Latent 2’ का नया एपिसोड देखा। इस एपिसोड के पैनल में अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी, लोकप्रिय यूट्यूबर भुवन बाम, कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा, स्टैंड-अप कॉमेडियन कौस्तुभ अग्रवाल और शो के होस्ट समय रैना शामिल थे।

एपिसोड के दौरान मुकेश छाबड़ा की तरफ से की गई कथित टिप्पणी को शिकायतकर्ता ने अनुचित और समाज पर गलत असर डालने वाला बताया। शिकायत पत्र में यह मांग की गई है कि इस प्रकार के संवादों की तुरंत जांच की जाए।

 

मूल रिकॉर्डिंग और टाइमस्टैम्प से सत्यापन आवश्यक

हालांकि, शिकायतकर्ता ने परिपक्वता दिखाते हुए कानूनी पत्र में यह स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है कि:

  1. कथित बयान की प्रामाणिकता और आवाज की पहचान की पुष्टि होनी बाकी है।
  1. पूरा संदर्भ और सटीक timestamp अनएडिटेड ओरिजिनल रिकॉर्डिंग से ही सत्यापित किया जा सकता है।
  1. जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, इन आरोपों को अंतिम रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।

 

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नेटफ्लिक्स इंडिया और कंटेंट हेड मोनिका शेरगिल की भूमिका पर सवाल

इस विवाद में केवल पैनलिस्ट ही नहीं, बल्कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म Netflix India की कंटेंट पॉलिसी पर भी उंगलियां उठी हैं। शिकायत में पूछा गया है कि बच्चों की साइबर सुरक्षा और दर्शकों की गरिमा को ध्यान में रखते हुए इस तरह के कंटेंट को अप्रूवल कैसे मिला?

इसी के साथ, नेटफ्लिक्स इंडिया की Content Chief Monika Shergill की भूमिका और प्लेटफॉर्म की कंटेंट स्क्रूटनी प्रक्रिया की जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

‘India’s Got Latent’ का पुराना विवादों से नाता

यह पहली बार नहीं है जब समय रैना का यह फॉर्मेट विवादों में आया हो:

  • फरवरी 2025 का विवाद: सीजन 1 के एक एपिसोड के दौरान यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया (BeerBiceps) की अनुचित टिप्पणियों के बाद देशभर में भारी आक्रोश फैला था, जिसके बाद एनसीडब्ल्यू (NCW) और पुलिस जांच शुरू हुई थी।
  • ताजा एपिसोड की चर्चा: सीजन 2 के इस एपिसोड में मुकेश छाबड़ा की गर्लफ्रेंड को लेकर किए गए जोक्स और नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की रोस्टिंग भी सोशल मीडिया पर जमकर ट्रेंड कर रही थी।

फिलहाल, मुकेश छाबड़ा या नेटफ्लिक्स इंडिया की ओर से इस शिकायत पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है।

 

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. ‘India’s Got Latent 2’ पर ताजा शिकायत किस बारे में दर्ज हुई है?

Ans: कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा पर शो के दौरान आपत्तिजनक और यौन-संकेतात्मक भाषा का इस्तेमाल करने और नेटफ्लिक्स पर इसे बिना उचित सेंसरशिप स्ट्रीम करने को लेकर शिकायत दर्ज हुई है।

Q2. इस एपिसोड में कौनकौन से सेलिब्रिटी शामिल थे?

Ans: इस एपिसोड में होस्ट समय रैना के अलावा नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी, भुवन बाम, मुकेश छाबड़ा और कौस्तुभ अग्रवाल पैनलिस्ट के रूप में मौजूद थे।

Q3. क्या शिकायत के आधार पर मुकेश छाबड़ा पर आरोप साबित हो चुके हैं?

Ans: नहीं, शिकायतकर्ता ने खुद मांग की है कि ओरिजिनल और अनएडिटेड रिकॉर्डिंग से टाइमस्टैम्प, आवाज और संदर्भ का सत्यापन किया जाना अभी बाकी है।

 

 

Disclaimer

यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्टों और दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर तैयार किया गया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच व सत्यापन होना अभी बाकी है। किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण आने पर लेख को अपडेट किया जाएगा।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।