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PM Mudra Loan Yojana 2026: अब ₹20 लाख तक का बिना गारंटी लोन, जानें नई ‘तरुण प्लस’ श्रेणी और आवेदन प्रक्रिया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

नई दिल्ली | शनिवार, 25 अप्रैल 2026  

देश में स्वरोजगार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब छोटे व्यापारियों और स्टार्टअप्स के लिए लोन की अधिकतम सीमा को ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दिया गया है। यह कदम उन उद्यमियों के लिए संजीवनी है जो अपने जमे-जमाए कारोबार को और विस्तार देना चाहते हैं।

मुद्रा लोन की नई श्रेणियाँ (Updated 2026)

अब मुद्रा योजना के तहत तीन नहीं, बल्कि चार श्रेणियों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है:

  1. शिशु (Shishu): ₹50,000 तक का लोन (नए व्यापार के लिए)।

  2. किशोर (Kishore): ₹50,001 से ₹5 लाख तक (व्यवसाय की शुरुआत कर चुके लोगों के लिए)।

  3. तरुण (Tarun): ₹5 लाख से ₹10 लाख तक (व्यवसाय विस्तार के लिए)।

  4. तरुण प्लस (Tarun Plus): ₹10 लाख से ₹20 लाख तक। यह नई श्रेणी उन लोगों के लिए है जिन्होंने पहले ‘तरुण’ श्रेणी का लोन लिया है और उसे सफलतापूर्वक चुका दिया है।

सरकारी योजनाएं और अपडेट्स

पात्रता और शर्तें (Eligibility Criteria)

  • आयु: आवेदक की आयु 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

  • व्यवसाय का प्रकार: गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु/सूक्ष्म उद्यम (जैसे दुकान, रिपेयर शॉप, सेवा क्षेत्र, फल-सब्जी विक्रेता, ट्रक ऑपरेटर आदि)।

  • क्रेडिट स्कोर: आवेदक किसी भी बैंक का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। एक अच्छा CIBIL स्कोर ब्याज दरों में रियायत दिला सकता है।

जरूरी दस्तावेज (Required Documents)

बिना गारंटी लोन होने के बावजूद बैंक आपकी साख और बिज़नेस प्लान की जाँच करते हैं। इसके लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ तैयार रखें:

  • पहचान प्रमाण: आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी।

  • निवास प्रमाण: बिजली का बिल, राशन कार्ड या आधार।

  • व्यवसाय प्रमाण: उद्यम रजिस्ट्रेशन (Udyam Registration), व्यापार लाइसेंस या रेंट एग्रीमेंट।

  • वित्तीय विवरण: पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट। तरुण और तरुण प्लस के लिए पिछले 2 साल की बैलेंस शीट और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) अनिवार्य हो सकती है।

  • कोटेशन: यदि आप मशीनरी खरीदना चाहते हैं, तो सप्लायर से प्राप्त कोटेशन।

व्यापार और अर्थव्यवस्था

ब्याज दरें और अवधि

मुद्रा लोन पर ब्याज दरें बैंक-दर-बैंक भिन्न होती हैं, जो आमतौर पर 8.5% से 12% प्रति वर्ष के बीच रहती हैं। लोन चुकाने की अवधि (Tenure) आमतौर पर 5 से 7 वर्ष तक होती है। ‘शिशु’ लोन पर समय पर भुगतान करने पर ब्याज में 2% तक की छूट का प्रावधान भी है।

आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Guide)

  1. जन समर्थ पोर्टल (Jan Samarth Portal): सबसे आसान तरीका jansamarth.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना है। यहाँ आप डिजिटल रूप से अपनी पात्रता चेक कर सकते हैं।

  2. उद्यमी मित्र पोर्टल: udyamimitra.in के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है।

  3. बैंक शाखा: आप अपने नजदीकी सरकारी, निजी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) या NBFC शाखा में जाकर फॉर्म भर सकते हैं।

Pro-Tips

  • मिथक: लोग सोचते हैं कि यह पूरी तरह ‘माफ’ होने वाला लोन है।

  • तथ्य: यह एक व्यावसायिक ऋण है जिसे ब्याज सहित चुकाना अनिवार्य है। समय पर भुगतान न करने पर CIBIL खराब हो सकता है।

  • सावधानी: किसी भी एजेंट को लोन दिलाने के नाम पर पैसे न दें। मुद्रा लोन की प्रक्रिया में कोई ‘बिचौलिया’ शुल्क नहीं लगता।

निष्कर्ष: यदि आपके पास एक ठोस बिज़नेस प्लान है, तो प्रधानमंत्री मुद्रा योजना आपके सपनों को उड़ान देने के लिए सबसे सुरक्षित और सस्ता विकल्प है। विशेषकर महिलाओं और SC/ST/OBC वर्ग के उद्यमियों के लिए इसमें विशेष प्राथमिकता दी जाती है। आज ही अपने नजदीकी बैंक से संपर्क करें और आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा बनें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों (General Information) के लिए है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के नियमों, ब्याज दरों और ऋण सीमा में सरकार या बैंकों द्वारा समय-समय पर बदलाव किए जा सकते हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।