कानपुर. ऐतिहासिक और आध्यात्मिक नगरी बिठूर में आज से तीन दिवसीय ‘बिठूर महोत्सव 2026’ का शानदार शुभारंभ हो गया है। 26 से 28 फरवरी तक चलने वाले इस महोत्सव का आयोजन मुख्य रूप से ब्रह्मावर्त घाट और नाना राव पेशवा स्मारक परिसर के समीप किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और 1857 की क्रांति के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुँचाना है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
महोत्सव के पहले दिन शाम को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू होगी। इसमें देश के जाने-माने कलाकारों द्वारा भजन संध्या, लोक नृत्य और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। जिला प्रशासन ने स्थानीय कलाकारों को भी एक बड़ा मंच प्रदान किया है, ताकि वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
विशेष आकर्षण: भव्य गंगा आरती
इस वर्ष महोत्सव का सबसे प्रमुख आकर्षण ब्रह्मावर्त घाट पर होने वाली विशेष गंगा आरती है। वैदिक मंत्रोच्चार और हजारों दीपों की रोशनी के बीच होने वाली यह आरती आकर्षण का केंद्र रहेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इस भक्तिमय दृश्य का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक बिठूर पहुँचेंगे।
इतिहास और मनोरंजन का संगम
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वीरगाथाएँ: चित्र प्रदर्शनी और नाट्य मंचन के माध्यम से नाना राव पेशवा और तात्या टोपे के बलिदान को जीवंत किया जा रहा है।
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मेला और प्रदर्शनी: स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी लगाई गई है।
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फूड ज़ोन: आगंतुकों के लिए कानपुर के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद चखने के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए हैं।
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बच्चों का कोना: मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले और खेल-कूद की व्यवस्था की गई है।
यात्रियों के लिए विशेष प्रबंध
भीड़ को देखते हुए कानपुर नगर निगम ने शहर के प्रमुख चौराहों से बिठूर तक विशेष बस सेवाएं शुरू की हैं। यातायात पुलिस ने भी बिठूर मार्ग पर सुचारू आवागमन के लिए ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है। दर्शकों से अपील की गई है कि वे सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें।
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