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कानपुर मंडी भाव : गेहूं की रिकॉर्ड आवक से कीमतों में स्थिरता, जानें दालों और सरसों के ताजा रेट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कानपुर | रविवार, 26 अप्रैल 2026

उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कानपुर की चकरपुर और नौबस्ता गल्ला मंडियों में रविवार को व्यापारिक गतिविधियां सामान्य रहीं। मंडी विशेषज्ञों के अनुसार, नई फसल की आवक बढ़ने के बावजूद गेहूं की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। हालांकि, दलहन के बाजार में मांग और आपूर्ति के गणित ने कुछ दालों के भावों को गरम कर दिया है।

अनाज बाजार: गेहूं और चावल का हाल

कानपुर मंडी में आज गेहूं की आवक काफी अच्छी रही। अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं का भाव ₹2,585 प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया, जबकि औसत खरीद ₹2,420 के आसपास रही।

चावल की बात करें तो बासमती (नंबर 1) अपनी प्रीमियम रेंज को बरकरार रखते हुए ₹11,000 के स्तर को छू रहा है। वहीं, मोटा चावल और मध्यम श्रेणी का चावल ₹2,800 से ₹4,000 के बीच बिक रहा है।

कानपुर मंडी भाव: गेहूं की रिकॉर्ड आवक और ताजा अपडेट

दलहन: अरहर और उड़द की कीमतों में उछाल

मंडी में आज सबसे अधिक हलचल दालों के वर्ग में देखी गई। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों और शादियों के सीजन की मांग के कारण उड़द दाल के भाव ₹13,700 प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। अरहर (तुअर) भी ₹11,000 के पार कारोबार कर रही है, जो उपभोक्ताओं की जेब पर असर डाल सकती है।

कानपुर में सोना-चांदी की कीमतों में जोरदार हलचल

तिलहन और अन्य उत्पाद

सरसों की कीमतों में मामूली सुधार देखा गया है, जो ₹5,400 से ₹6,850 के बीच बनी हुई है। वहीं, आम आदमी की रसोई से जुड़ा आटा ₹1,400 से ₹1,500 प्रति 50 किलो की बोरी के भाव पर स्थिर है।

सुझाव:

व्यापारियों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम साफ रहा और आवक में और वृद्धि हुई, तो गेहूं के भावों में ₹50-₹100 की गिरावट आ सकती है। हालांकि, दालों में फिलहाल नरमी के संकेत कम ही हैं। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी फसल को सुखाकर और साफ करके लाएं ताकि उन्हें अधिकतम भाव मिल सके।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।