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बागपत धर्म परिवर्तन विवाद: आयशा से ‘पूजा’ बनी महिला पर दोबारा धर्मांतरण का दबाव, घर का मंदिर तोड़ने का आरोप

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read
बागपत | बुधवार, 26 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के ईदगाह मोहल्ले से धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। धर्म परिवर्तन कर अपना नाम आयशा से ‘पूजा’ रखने वाली एक महिला ने आरोप लगाया है कि उस पर दोबारा धर्म बदलने का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़िता के अनुसार, विरोध करने पर आरोपियों ने उसके घर में बने मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिया और देवी-देवताओं की मूर्तियां खंडित कर दीं।
महिला की शिकायत पर बागपत पुलिस ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और बीएनएस (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

पीड़िता पूजा (पूर्व नाम आयशा) मूल रूप से लोनी (गाजियाबाद) की रहने वाली है। उसने वर्ष 2001 में मुरादाबाद के मदनपाल से विवाह किया था और स्वेच्छा से हिंदू धर्म अपनाया था। पति के निधन के बाद वह अपनी बेटियों के साथ बागपत के ईदगाह मोहल्ले में रह रही है।
पीड़िता का आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों को उसका हिंदू धर्म अपनाना पसंद नहीं था। आरोप के मुताबिक, पड़ोसियों ने घर में घुसकर मंदिर तोड़ा, मूर्तियों को खंडित किया और दीवार पर बनी गाय माता की तस्वीर मिटा दी। इसके साथ ही, उसकी बेटी पर धर्मांतरण और उर्दू पढ़ने का दबाव बनाने के साथ त्योहारों के दौरान प्रताड़ित करने के आरोप भी लगाए गए हैं।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

बागपत कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि:
  • घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
  • शुरुआती जांच में पड़ोसियों के बीच आपसी विवाद के पहलू भी सामने आ रहे हैं, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है।
  • जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. बागपत में धर्म परिवर्तन से जुड़ा क्या मामला सामने आया है?
उत्तर: बागपत के ईदगाह मोहल्ले में आयशा से पूजा बनी महिला ने पड़ोसियों पर दोबारा धर्म बदलने का दबाव बनाने, घर में बना मंदिर तोड़ने और मूर्तियां खंडित करने का आरोप लगाया है।
Q2. इस मामले में पुलिस ने क्या कदम उठाया है?
उत्तर: पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है और मामले की निष्पक्ष जांच कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
Q3. क्या पीड़िता ने किसी से सुरक्षा की मांग की है?
उत्तर: पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख उपलब्ध प्राथमिक सूचनाओं और पुलिस शिकायत के आधार पर तैयार किया गया है। मामले में अंतिम विधिक निष्कर्ष पुलिस जांच और अदालती प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।