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एशियन गेम्स 2026: 26 सितंबर को भारत का स्वर्णिम धमाका, कबड्डी में डबल गोल्ड, मैराथन में रचा इतिहास और स्क्वैश में मेडल पक्के!

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

नागोया (जापान) ।

जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 के 8वें दिन 26 सितंबर को भारतीय एथलीटों ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा दिया। भारत ने कबड्डी में अपना दबदबा कायम रखते हुए दोहरा स्वर्ण पदक (Double Gold Medal) जीता। इसके साथ ही, ट्रैक एंड फील्ड में 44 साल का सूखा खत्म करते हुए पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल हासिल किया। वहीं स्क्वैश में अभय सिंह और अनाहत सिंह ने फाइनल में जगह बनाकर दो और पदक पक्के कर दिए हैं।

1. कबड्डी में भारत का दबदबा: पुरुष और महिला दोनों टीमों ने जीता गोल्ड

भारतीय कबड्डी टीमों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि एशिया में उनका कोई सानी नहीं है।

  • पुरुष कबड्डी टीम: बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने अपनी चिरप्रतिद्वंद्वी ईरान की टीम को 40-34 के अंतर से मात दी। मैच के पहले हाफ तक भारतीय टीम 17-18 से पिछड़ रही थी, लेकिन दूसरे हाफ में खिलाड़ियों ने जबरदस्त आक्रामक रणनीति अपनाते हुए मैच पलट दिया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
  • महिला कबड्डी टीम: भारतीय महिला कबड्डी टीम ने भी ईरान को कड़ी टक्कर के बीच 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही महिला टीम ने एशियन गेम्स में अपना चैंपियन का खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा।

2. सावन बरवाल का ऐतिहासिक कारनामा: मैराथन में 44 साल बाद मिला सिल्वर

भारतीय एथलेटिक्स के लिए 26 सितंबर का दिन ऐतिहासिक बन गया।

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धावक सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में शानदार दौड़ लगाते हुए 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय दर्ज किया और रजत पदक (Silver Medal) हासिल किया। इस पदक के साथ ही एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन स्पर्धा में भारत का 44 साल लंबा इंतजार खत्म हो गया। भारत ने इससे पहले आखिरी बार 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में इस स्पर्धा में कोई पदक जीता था।

3. स्क्वैश: अभय सिंह और अनाहत सिंह की शानदार जीत, फाइनल में बनाई जगह

कोर्ट पर भारतीय स्क्वैश खिलाड़ियों का दबदबा जारी रहा:

  • अभय सिंह: पुरुष सिंगल्स के सेमीफाइनल में अभय सिंह ने पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
  • अनाहत सिंह: महिला सिंगल्स सेमीफाइनल में युवा सनसनी अनाहत सिंह ने अद्भुत जुझारूपन दिखाया। जापान की सातोमी वातानाबे के खिलाफ शुरुआती दो गेम हारने के बाद, अनाहत ने शानदार वापसी की और लगातार तीन गेम जीतकर मैच 3-2 से अपने नाम कर लिया।

दोनों खिलाड़ियों के फाइनल में पहुंचने से भारत का स्क्वैश में कम से कम दो पदक जीतना तय हो गया है, जिसमें स्वर्ण की मजबूत उम्मीदें बनी हुई हैं।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. 26 सितंबर 2026 को भारत ने कबड्डी में कितने पदक जीते?

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उत्तर: भारत ने 26 सितंबर को कबड्डी में 2 स्वर्ण पदक (पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों में) जीते।

Q2. सावन बरवाल ने किस स्पर्धा में पदक जीता और उनका समय क्या रहा?

उत्तर: सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड के समय के साथ सिल्वर मेडल (रजत पदक) जीता।

Q3. भारत ने मैराथन में कितने वर्षों बाद एशियन गेम्स में पदक जीता है?

उत्तर: भारत ने पुरुष मैराथन में 44 साल के लंबे इंतजार के बाद पदक जीता है (पिछला पदक 1982 दिल्ली एशियन गेम्स में आया था)।

Q4. स्क्वैश के फाइनल में कौन से भारतीय खिलाड़ी पहुंचे हैं?

उत्तर: अभय सिंह (पुरुष सिंगल्स) और अनाहत सिंह (महिला सिंगल्स) एशियन गेम्स 2026 के स्क्वैश फाइनल में पहुंचे हैं।

  • एशियन गेम्स और अन्य प्रमुख खेल समाचारों की विस्तृत कवरेज के लिए पढ़ें: Matribhumi Samachar Sports Coverage
  • खेल जगत की अन्य ताज़ा अपडेट्स देखें: Matribhumi Samachar News Page

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख 26 सितंबर 2026 तक एशियन गेम्स की आधिकारिक रिपोर्ट और लाइव मैच परिणामों पर आधारित है। खेल स्पर्धाओं के नतीजे और शेड्यूल आयोजकों द्वारा दिए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार लिखे गए हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।