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कानपुर में 103 स्थानों पर ‘आंबेडकर सेवा यात्रा’ का आयोजन: 8 हजार से अधिक मरीजों को मिला निःशुल्क इलाज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कानपुर।

कानपुर नगर में जन-स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘डॉ. बी. आर. आंबेडकर स्वास्थ्य सेवा यात्रा 1.0′ का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान के तहत जिले भर में 103 अलग–अलग स्थानों पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाए गए, जिनमें लगभग 8,000 मरीजों की चिकित्सीय जांच की गई और परामर्श दिया गया।

यह विशाल स्वास्थ्य अभियान नेशनल मेडिकल ऑर्गनाइजेशन (NMO), जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सेवा विभाग तथा श्री रामलला आरोग्यधाम हॉस्पिटल, कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन के साथ की गई।

 

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सेवा बस्तियों तक पहुँचीं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ

अभियान का मुख्य लक्ष्य समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों को उनके घर के पास प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराना था। इसके अलावा, आम बीमारियों से बचाव, स्वच्छता और समय पर चिकित्सीय सलाह लेने के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इस पहल का प्रमुख हिस्सा रहा।

 

तात्याटोपेनगर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष शिविर

कानपुर दक्षिण के तात्याटोपेनगर क्षेत्र स्थित वरुण विहार सेवा बस्ती एवं मायापुरम सेवा बस्ती में आयोजित शिविर में 200 से अधिक स्थानीय निवासियों ने स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाया।

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  • मुफ्त जाँच सुविधाएँ: शिविर में आने वाले लोगों के लिए ब्लड प्रेशर (BP), ब्लड शुगर (Diabetes) तथा आँखों (Eye Check-up) की जांच की गई।
  • निःशुल्क दवा वितरण: सर्दी, खांसी, बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और चक्कर जैसी सामान्य समस्याओं से पीड़ित मरीजों को मौके पर ही निःशुल्क दवाइयां दी गईं।
  • गंभीर रोगों पर सलाह: जटिल बीमारियों के लक्षण वाले मरीजों को मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों द्वारा आगे के उपचार के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

 

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और प्रमुख उपस्थित लोग

स्वास्थ्य शिविर में वरुण विहार, बर्रा-8, गुजैनी, अंबेडकरनगर, रविदासपुरम, रायपुरवा, मेहरबान सिंह का पुरवा, मर्दनपुर और बिहारीपुरवा सहित कई निकटवर्ती क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

श्रेणीउपस्थित सदस्य एवं विशेषज्ञ
विशेषज्ञ चिकित्सकडॉ. सुरभि गंगवार, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. अवंतिका सिंह, डॉ. अमीशा, डॉ. मोहित एवं डॉ. राघव गुप्ता (GSVM मेडिकल कॉलेज)
उद्घाटनकर्त्ताडॉ. संजीव श्रीवास्तव एवं डॉ. विकास उत्तम (अंजलि मेडिकल)
विशेष अतिथिबैरिस्टर जी (कानपुर महानगर प्रचारक), आर्यन जी (जिला महाविद्यालयीन कार्य प्रमुख)
आयोजक व सहयोगीराकेश सचान, अंजनी बाजपेई, कुन्दन कुमार सिंह, योगेन्द्र सचान, सुशील श्रीवास्तव, धीरेंद्र सचान, अजीत जी, शैलेन्द्र सिंह, कृष्ण प्रसाद, योगेश द्विवेदी, केशू पासवान एवं प्रेमा निषाद

 

सामाजिक सहभागिता से जनकल्याण

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और श्री रामलला आरोग्यधाम के संयुक्त प्रयास से आयोजित इन शिविरों ने सेवा बस्तियों में रहने वाले नागरिकों को सीधे स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा। स्थानीय प्रतिनिधियों का मानना है कि ऐसे नियमित आयोजनों से समाज के कमजोर वर्गों तक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच आसान होती है और जन-स्वास्थ्य का ढांचा मजबूत होता है।

 

अपडेट्स के लिए मातृभूमि समाचार पर विजिट करें।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: ‘डॉ. बी. आर. आंबेडकर स्वास्थ्य सेवा यात्रा 1.0′ का आयोजन कहां किया गया?

Ans: यह आयोजन कानपुर नगर के 103 विभिन्न स्थानों और सेवा बस्तियों में किया गया।

Q2: इस स्वास्थ्य अभियान में कुल कितने मरीजों का परीक्षण हुआ?

Ans: संपूर्ण अभियान के दौरान लगभग 8,000 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया।

Q3: इस शिविर में कौन–कौन सी जांचें मुफ्त उपलब्ध कराई गईं?

Ans: शिविर में बीपी (रक्तचाप), शुगर (रक्त शर्करा) और नेत्र जांच के साथ-साथ निःशुल्क दवा वितरण की सुविधा दी गई।

 

Disclaimer (अस्वीकरण)

यह समाचार लेख केवल सूचनात्मक और जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। इसमें उल्लिखित स्वास्थ्य सलाह प्राथमिक जानकारी पर आधारित हैं। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए कृपया योग्य चिकित्सक या नजदीकी अस्पताल से परामर्श लें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।