मुंबई|
भारतीय शेयर बाजार ने लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए सोमवार को एक दमदार वापसी की। शुरुआती कारोबार में आई कमजोरी के बाद दिन के निचले स्तरों से जबरदस्त ‘वैल्यू बाइंग’ (Value Buying) देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक कारोबार के अंत में दिन के उच्चतम स्तरों के करीब जाकर बंद हुए, जिससे निवेशकों के चेहरों पर फिर से चमक लौट आई है।
मुख्य सूचकांकों का हाल
कारोबार की शुरुआत में बाजार पर दबाव था, जहां सेंसेक्स 72,514.57 और निफ्टी 22,387.35 के निचले स्तर तक चले गए थे। हालांकि, चुनिंदा दिग्गज शेयरों में लौटी लिवाली ने बाजार की चाल बदल दी।
| सूचकांक (Index) | बंद स्तर (Closing Price) | बढ़त (Points Gain) | बदलाव (% Change) |
| बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) | 73,606.75 | +482.92 | +0.66% |
| निफ्टी 50 (Nifty 50) | 22,753.20 | +153.20 | +0.68% |
| निफ्टी मिडकैप 50 | – | – | +1.25% |
| निफ्टी स्मॉलकैप 100 | – | – | +1.38% |
सेक्टोरल प्रदर्शन: मेटल और फार्मा शेयरों में रही जबरदस्त लिवाली
बाजार की इस बढ़त को सबसे ज्यादा सहारा मेटल (Metal) और फार्मा (Pharma) सेक्टर्स से मिला।
- निफ्टी मेटल इंडेक्स: 2.21% की बढ़त दर्ज की गई।
- निफ्टी फार्मा इंडेक्स: 1.76% की मजबूती के साथ बंद हुआ।
- निफ्टी आईटी (IT): 0.87% चढ़कर कारोबार समाप्त किया।
टॉप गेनर्स (Top Gainers): सेंसेक्स के दिग्गजों में अदाणी पोर्ट्स, एटर्नल, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, आईटीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज बढ़त बनाने में सफल रहे।
टॉप लूजर्स (Top Losers): दूसरी ओर बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे शेयर दबाव में नजर आए।
ब्रॉड मार्केट और निवेशकों की वेल्थ में उछाल
मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ ब्रॉड मार्केट (मिडकैप और स्मॉलकैप) में भी खरीदारी का रुख रहा।
- मार्केट कैप में इजाफा: बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) 23 अक्टूबर के करीब ₹452.41 लाख करोड़ से बढ़कर 26 अक्टूबर को लगभग ₹456.09 लाख करोड़ पर पहुंच गया।
- निवेशकों का मुनाफा: इस एक ही कारोबारी सत्र में निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹3.68 लाख करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
रुपया कमजोर, कच्चे तेल और वैश्विक संकेतों का दबाव कायम
बाजार में आई इस तेजी के बावजूद मैक्रो-इकोनॉमिक स्तर पर चुनौतियां बरकरार हैं:
- रुपये में गिरावट: भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार तीसरे सत्र में 29 पैसे टूटकर 95.22 के स्तर पर बंद हुआ।
- कच्चा तेल (Brent Crude): अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब $115 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। महंगा कच्चा तेल भारत के व्यापार घाटे और महंगाई के लिए चिंता का विषय है।
- वैश्विक भू–राजनीति व अमेरिकी फेड: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली और भू-राजनीतिक तनाव बाजार के रुख को प्रभावित कर सकते हैं।
आगे बाजार के लिए दिशा
सोमवार की इस तेजी से बाजार के सेंटिमेंट में सकारात्मक सुधार आया है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा कंपनियों के तिमाही नतीजों (Quarterly Results), विदेशी निवेशकों की चाल, कच्चे तेल के दामों और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के निर्णयों से तय होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंक चढ़कर बंद हुए?
सेंसेक्स 482.92 अंक (0.66%) बढ़कर 73,606.75 पर और निफ्टी 50 में 153.20 अंक (0.68%) की तेजी के साथ 22,753.20 के स्तर पर बंद हुआ।
Q2. शेयर बाजार में तेजी से निवेशकों को कितना फायदा हुआ?
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के मार्केट कैप में वृद्धि के चलते निवेशकों की संपत्ति एक दिन में करीब ₹3.68 लाख करोड़ बढ़कर ₹456.09 लाख करोड़ हो गई।
Q3. आज किन सेक्टर्स ने बाजार को सबसे ज्यादा संभाला?
निफ्टी मेटल (2.21%), निफ्टी फार्मा (1.76%) और निफ्टी आईटी (0.87%) में सबसे ज्यादा तेजी रही।
Q4. रुपये का क्या हाल रहा?
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 29 पैसे कमजोर होकर 95.22 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए प्रस्तुत किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। किसी भी प्रकार के वित्तीय निवेश या ट्रेड करने से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार (SEBI Registered Investment Advisor) से परामर्श अवश्य लें।
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