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माली में भीषण आतंकी हमला: रक्षा मंत्री सादियो कैमारा की हत्या, धमाकों से दहला देश, गृहयुद्ध के मुहाने पर माली

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

बामाको (माली): पश्चिम अफ्रीकी देश माली इस समय अपने इतिहास के सबसे बुरे सुरक्षा संकट से गुजर रहा है। शनिवार को राजधानी बामाको और उसके आसपास के सैन्य ठिकानों पर हुए भीषण और समन्वित आतंकी हमलों में माली के रक्षा मंत्री जनरल सादियो कैमारा (Gen. Sadio Camara) की मौत हो गई है।

सैन्य अड्डे और आवास को बनाया निशाना

खबरों के अनुसार, अल-कायदा से जुड़े आतंकी संगठन JNIM (Jama’at Nusrat al-Islam wal-Muslimin) ने राजधानी के पास स्थित काटी (Kati) सैन्य अड्डे और रक्षा मंत्री के आवास पर कार बम से आत्मघाती हमला किया। इस हमले में न केवल रक्षा मंत्री, बल्कि उनके परिवार के कुछ सदस्यों, जिनमें उनकी पत्नी और पोते-पोती शामिल हैं, के भी मारे जाने की दुखद खबर है।

प्रमुख शहरों में एक साथ धमाके

रक्षा मंत्री की हत्या के साथ ही विद्रोहियों ने माली के कई प्रमुख शहरों में एक साथ हमले शुरू कर दिए हैं:

बामाको: अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास भारी गोलीबारी और धमाके हुए।

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किदाल और गाओ: उत्तर में तुआरेग विद्रोहियों ने कई सैन्य ठिकानों पर कब्जा करने का दावा किया है।

सेवारे और मोप्ती: मध्य माली के इन शहरों में भी सैन्य बैरकों को निशाना बनाया गया है।

गठबंधन और गृहयुद्ध का खतरा

इस हमले की सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसमें अल-कायदा के आतंकवादियों और FLA (Azawad Liberation Front) के अलगाववादियों ने मिलकर काम किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा मंत्री की मौत माली की सैन्य सरकार (Junta) के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि वह रूस के साथ सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने वाले प्रमुख सूत्रधार थे।

सुरक्षा स्थिति

वर्तमान में पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। राजधानी में सड़कों को ब्लॉक कर दिया गया है और सेना जवाबी कार्रवाई कर रही है। हालांकि, बड़े पैमाने पर हुई इस हिंसा ने माली को पूर्ण गृहयुद्ध की आग में झोंक दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र (Sahel Region) की स्थिरता खतरे में पड़ गई है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।