लखनऊ|
उत्तर प्रदेश में मानसून का उग्र रूप देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज़ आंधी ने पूरे प्रदेश में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कच्चे मकानों के ढहने, आकाशीय बिजली और पेड़ गिरने की घटनाओं से राज्य में भारी तबाही हुई है।
3 दिनों में औसतन 9 गुना अधिक बारिश
25 से 27 सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व बारिश दर्ज की गई। जहाँ इस समय सीमा में सामान्य औसत बारिश 7.6 मिलीमीटर होती है, वहीं इस बार औसतन 66.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राज्य के 75 में से 56 जिले अत्यधिक वर्षा से प्रभावित हुए हैं।
सीतापुर में सर्वाधिक नुकसान, दर्जनों पशुओं की भी जान गई
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बारिश से जुड़ी आपदाओं में 81 लोगों की जान चली गई, जबकि 62 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
- सीतापुर: सबसे अधिक 7 मौतों की पुष्टि।
- लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर: प्रत्येक जिले में 5-5 लोगों की मौत।
- अयोध्या, महाराजगंज, गोरखपुर: प्रत्येक जिले में 4-4 लोगों की जान गई।
हादसों में 154 पशुओं की भी मौत हुई है। इसके अलावा 2,254 मकान आंशिक या पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
देश के 22 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) ने मानसून की सक्रियता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाकों और उत्तराखंड के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा देश के 22 राज्यों में आंधी और मध्यम से तेज़ बारिश की चेतावनी दी गई है।
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आपात स्थिति में ध्यान रखने योग्य सावधानियां
- मौसम बुलेटिन पर नज़र रखें: स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का नियमित रूप से पालन करें।
- जलभराव से दूरी बनाएं: उफनते नालों, जलमग्न सड़कों और जलभराव वाले रास्तों पर चलने से बचें।
- बिजली से सुरक्षा: आकाशीय बिजली कड़कने पर खुले मैदान, लोहे के खंभों या बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लें।
- कच्चे निर्माणों से दूर रहें: कमज़ोर दीवारों और क्षतिग्रस्त छतों के पास न जाएं।
- हेल्पलाइन का उपयोग करें: आपात स्थिति में जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की हेल्पलाइन (1070/1077) पर संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से कितने जिलों में प्रभाव पड़ा है?
उत्तर: उत्तर प्रदेश के कुल 75 जिलों में से 56 जिलों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई है, जिससे व्यापक नुकसान हुआ है।
Q2: इस मानसून सत्र में राहत कार्यों के लिए संपर्क कैसे करें?
उत्तर: आपातकालीन स्थिति में अपने जिले के कंट्रोल रूम या राज्य आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन पर संपर्क करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों और मौसम चेतावनियों के आधार पर केवल जन-जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। आपात स्थिति में अपने स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का ही पालन करें।

