लोड हो रहा है...

मन की बात: पीएम मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ पर आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को सराहा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

नई दिल्ली|

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (27 सितंबर 2026) को अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो संबोधन ‘मन की बात‘ के 138वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। इस संबोधन में प्रधानमंत्री ने वर्ष 2016 में भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ (28-29 सितंबर) से ठीक पहले इसका विशेष उल्लेख किया। उन्होंने इसे आतंकवाद के विरुद्ध भारत की निर्णायक कार्रवाई बताते हुए कहा कि इस अभियान ने संपूर्ण विश्व के समक्ष भारत की रक्षा एवं आतंकवाद विरोधी नीति का एक नया और मजबूत उदाहरण स्थापित किया।

 

आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस‘ नीति

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने दशकों तक सीमा पार से होने वाले आतंकी हमलों का दर्द झेला है। हालांकि, अब भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता।

- Advertisement -
  • सर्जिकल और एयर स्ट्राइक: वर्ष 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भारत ने बार-बार यह स्पष्ट संदेश दिया है कि हर आतंकी हमले का कड़ा और माकूल जवाब दिया जाएगा।
  • ऐतिहासिक हमलों का स्मरण: उन्होंने वर्ष 2008 के दिल्ली सिलसिलेवार बम धमाकों और 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के पीड़ितों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस‘ नीति को दोहराया।

जनगणना में ऑनलाइन स्व–गणना (Self-Enumeration) की अपील

‘मन की बात’ के इस एपिसोड में प्रधानमंत्री ने देश में चल रही डिजिटल जनगणना की प्रगति पर भी बात की।

  1. राष्ट्रीय दायित्व: पीएम मोदी ने जनगणना को प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व बताया।
  2. डिजिटल सुविधा: उन्होंने नागरिकों से ऑनलाइन स्व-गणना सुविधा का उपयोग करने का आग्रह किया, जिसके माध्यम से लोग अपने मोबाइल फोन से ही अपने परिवार की जानकारी आसानी से दर्ज करा सकते हैं।

 

अशोक सिंघल जी की जन्मशताब्दी और अन्य प्रमुख विषय

संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने समाज और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न अन्य पहलों की भी चर्चा की:

  • अशोक सिंघल की 100वीं जयंती: पूर्व विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता स्वर्गीय अशोक सिंघल की 100वीं जयंती (27 सितंबर 1926) पर उन्हें याद करते हुए राष्ट्र और समाज सुधार के प्रति उनके योगदान को नमन किया गया।
  • स्वच्छता और नशामुक्ति अभियान: आगामी 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) के उपलक्ष्य में स्वच्छता अभियानों से जुड़ने तथा ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ के माध्यम से युवाओं को नशामुक्ति का संकल्प लेने का आह्वान किया।
  • पोषण और पर्यावरण: देश भर में कुपोषण से निपटने के लिए चलाए जा रहे स्थानीय अभियानों और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की सराहना की गई।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1: प्रधानमंत्री मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख कब और क्यों किया?

उत्तर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2026 को ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ (28-29 सितंबर) के अवसर पर इसका उल्लेख किया।

- Advertisement -

Q2: भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कब की थी?

उत्तर: भारतीय सेना ने 28-29 सितंबर 2016 की रात नियंत्रण रेखा (LoC) के पार जाकर आतंकवादी लॉन्च पैडों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी।

Q3: जनगणना के लिए पीएम मोदी ने क्या अपील की?

उत्तर: पीएम मोदी ने नागरिकों से जनगणना को अपना राष्ट्रीय कर्तव्य मानते हुए ऑनलाइन स्व-गणना (Self-Enumeration) सुविधा के जरिए मोबाइल से अपने परिवार का ब्योरा दर्ज करने की अपील की।

 

  • देश और दुनिया की ताजा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खबरों के लिए पढ़ें: Matribhumi Samachar English
  • भारत की सुरक्षा और रक्षा नीतियों से जुड़ी प्रमुख अपडेट्स: Matribhumi Samachar National News

Disclaimer (अस्वीकरण)

यह लेख 27 सितंबर 2026 को प्रसारित प्रधानमंत्री के ‘मन की बात‘ कार्यक्रम में प्रस्तुत आधिकारिक वक्तव्यों एवं सार्वजनिक समाचार स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल पाठकों को समसामयिक जानकारी प्रदान करना है।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।