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ज़ी सिनेमा लेकर आ रहा है जॉन अब्राहम की दमदार थ्रिलर ‘तेहरान’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर- शनिवार, 31 जनवरी को दोपहर 1 बजे

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई, जनवरी 2026: दमदार कहानी, हाई क्वालिटी एक्शन और रोमांचक सस्पेंस के साथ ज़ी सिनेमा लेकर आ रहा है फिल्म ‘तेहरान’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर, शनिवार, 31 जनवरी को दोपहर 1 बजे। इस फिल्म में जॉन अब्राहम अपने अब तक के सबसे इंटेंस और ताकतवर किरदारों में से एक में नज़र आएँगे। तेज़ रफ्तार घटनाओं और लगातार बदलते हालातों के बीच आगे बढ़ती यह थ्रिलर दर्शकों को शुरुआत से लेकर अंत तक बाँधे रखने वाली है।

फिल्म की कहानी एक खौफनाक बम धमाके से शुरू होती है, जिसके पीछे छिपे आतंकियों तक पहुँचने के लिए जॉन अब्राहम एक खतरनाक और चुनौतीपूर्ण मिशन पर निकलते हैं। जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ती है, साजिशें और गहरी होती जाती हैं और हर नया मोड़ कहानी में सस्पेंस की परतें जोड़ देता है, जो फिल्म की पकड़ को और मजबूत बनाता है।

अरुण गोपालन के निर्देशन में बनी ‘तेहरान’ में जॉन अब्राहम के साथ मानुषी छिल्लर और नीरू बाजवा भी अहम् भूमिकाओं में नज़र आएँगी। सभी कलाकारों की परफॉर्मेंस कहानी को मजबूती देती है और फिल्म के जज़्बात और रोमांच को और असरदार बनाती है।

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फिल्म में जॉन अब्राहम एसीपी राजीव कुमार के रूप में दिखते हैं, जो दिल्ली में विदेशी अधिकारियों पर हुए एक जानलेवा बम धमाके के बाद एक खतरनाक गुप्त मिशन की जिम्मेदारी संभालते हैं। एसीपी राजीव कुमार का मिशन जो शुरुआत में हमले के पीछे मौजूद लोगों की तलाश होती है, वह जल्द ही उसे छिपे हुए मकसदों, बदलती वफादारियों और सीमाओं के पार सक्रिय रहस्यमय ताकतों के खतरनाक जाल में खींच ले जाती है। जैसे-जैसे वह सच्चाई के करीब पहुँचता है, हालात उसे अकेला कर देते हैं और उसी वक्त कहानी ऐसा मोड़ लेती है, जो पूरी जाँच की दिशा ही बदल देती है।

दमदार कहानी, हाई क्वालिटी एक्शन और जबर्दस्त सस्पेंस के साथ ‘तेहरान’ दर्शकों को एक यादगार अनुभव देने का वादा करती है। ‘तेहरान’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर देखना न भूलें, शनिवार 31 जनवरी को दोपहर 1 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।