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कानपुर में राम जन्मोत्सव की धूम: 150 कन्याओं के पैर पखारकर मनाया गया चैत्र नवरात्रि का समापन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कानपुर | 28 मार्च 2026 

चैत्र नवरात्रि और राम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर शहर में भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। श्री संकट मोचन हनुमान एवं दुर्गा मंदिर समिति द्वारा आयोजित नौ दिवसीय अनुष्ठान का समापन भव्य कन्या पूजन के साथ हुआ। भक्ति की ऐसी बयार बही कि पूरा परिसर ‘जय माता दी’ और ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।

150 कन्याओं का हुआ भव्य पूजन

रामनवमी के विशेष अवसर पर क्षेत्र की लगभग 150 कन्याओं को माता के स्वरूप में आमंत्रित किया गया। महिला मंडल की पदाधिकारियों ने श्रद्धा भाव से कन्याओं के पैर पखारे और उन्हें आलता लगाया। सेवा का यह भाव देख वहां मौजूद भक्त भाव-विभोर हो उठे। पूजन के पश्चात नन्हे नौनिहालों को उपहार भेंट किए गए, जिसे पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

भक्ति और सेवा का नौ दिवसीय अनुष्ठान

महिला मंडल की अध्यक्ष नीलम चौहान ने बताया कि समिति विगत कई वर्षों से निरंतर इस परंपरा का निर्वहन कर रही है। पूरे नौ दिनों तक सैकड़ों महिलाओं ने व्रत रखकर भजन-कीर्तन के माध्यम से महामाई की आराधना की। कार्यक्रम का सफल संचालन आयोजक प्रमुख वीरेन्द्र चौहान द्वारा किया गया।

आचार्य ने बताया माँ अन्नपूर्णा का महत्व

अनुष्ठान को विधि-विधान से संपन्न कराते हुए आचार्य विमल शास्त्री एवं गुरुकुल के विद्यार्थियों ने मां दुर्गा की स्तुति की। आचार्य जी ने प्रवचन के दौरान कहा कि, “मां पार्वती का ही प्रथम नाम अन्नपूर्णा है, जो संपूर्ण जगत का पोषण करती हैं।”

क्षेत्रीय पार्षद ने दी बधाई

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे क्षेत्रीय पार्षद गिरीश बाजपेई ने आयोजन की सराहना करते हुए वीरेन्द्र चौहान और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में समरसता और संस्कार पैदा करते हैं।

उपस्थित गणमान्य जन:

इस अवसर पर मुख्य संरक्षक डॉ. सुषमा सिंह सेगर, सुदामा दुबे, शालिनी गुप्ता, शालिनी द्विवेदी, निशी पाण्डेय, डॉली द्विवेदी, अंजलि, बबीता पाण्डेय, सुषमा कुशवाहा, सीमा राठौर, विनीता, ओमकार गुप्ता, पारुल, मीरा गुप्ता, सुषमा भारद्वाज, विनय गुप्ता, आशा गुप्ता, अमित मिश्रा, गुड्डू तिवारी, मुकुंद गुप्ता, मयंक, अनिल दुबे, गुड्डू पाण्डेय और डॉ. सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।