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कोल्हापुर में अमरावती जैसा कांड: फार्मेसी छात्र शाहिद समीर सनादी गिरफ्तार, 10 युवतियों के यौन शोषण का आरोप

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई | मंगलवार, 28 अप्रैल 2026

महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने अमरावती के ‘तनवीर कांड’ की यादें ताजा कर दी हैं। हातकणंगले तालुका के रहने वाले 22 वर्षीय फार्मेसी छात्र शाहिद समीर सनादी को पुलिस ने युवतियों के यौन शोषण और उन्हें ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने करीब 10 युवतियों को अपने जाल में फँसाकर उनके अश्लील वीडियो बनाए।

कैसे हुआ इस ‘ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट’ का भंडाफोड़?

शाहिद की इस घिनौनी करतूत का खुलासा तब हुआ जब उसने अपने एक करीबी दोस्त के सामने अपनी हरकतों का बखान किया। दोस्त ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इसकी जानकारी बाहर दी, जिससे यह मामला पुलिस तक पहुँचा।

27 अप्रैल को एक 20 वर्षीय युवती ने साहस दिखाते हुए पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, शाहिद ने पहले सोशल मीडिया के जरिए उससे दोस्ती की और फिर कोल्हापुर तथा शिरोली के विभिन्न लॉज में बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

अपराध और कानून व्यवस्था अपडेट

अश्लील वीडियो और डिजिटल आतंक

पुलिस जाँच में सामने आया है कि शाहिद केवल शारीरिक शोषण तक ही सीमित नहीं था। वह चोरी-छिपे इन कृत्यों का वीडियो बनाता था।

  • ब्लैकमेलिंग: आरोपी इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पीड़िताओं को चुप रहने के लिए मजबूर करता था।

  • साझा करना: यह भी आरोप है कि उसने ये अश्लील वीडियो अपने कुछ दोस्तों के साथ साझा किए थे, जो मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है।

पुलिस कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

शिकायत मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शाहिद को गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने उसे 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की फॉरेंसिक जाँच कर रही है ताकि अन्य पीड़िताओं की पहचान की जा सके।

अमरावती मामले से तुलना:

यह मामला अमरावती के मोहम्मद अयाज उर्फ तनवीर के मामले से काफी मिलता-जुलता है, जहाँ 180 से अधिक नाबालिग लड़कियों के शोषण का आरोप लगा था। कोल्हापुर पुलिस ने अपील की है कि जो भी युवतियाँ इस जाल में फँसी हैं, वे बिना डरे सामने आएँ; उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।