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एसबीआई लाइफ ने अपनी नई फिल्म ‘अनोखे हीरे’ के माध्यम से भारतीय पैरा-एथलीट्स के कभी न हार मानने वाले जज़्बे को किया सलाम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई नई फिल्म दृढ़ संकल्प की शक्ति और उन वादों की अहमियत को सामने लाती है, जो लोगों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करते हैं। साथ ही, यह जीवन की सबसे अनमोल चीजों की सुरक्षा के प्रति एसबीआई लाइफ की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है

मुंबई, 27 अक्टूबर, 2026 : भारत भारत की सबसे भरोसेमंद निजी जीवन बीमा कंपनियों में से एक, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने अपनी नई फिल्म पेश की है। यह फिल्म ‘अनोखे हीरे’ यानी भारतीय पैरा खिलाड़ियों को समर्पित है, जिनका अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प उन्हें चुनौतियों से पार पाने, अपने सपनों को पूरा करने और अपनों से किए वादों को निभाने की ताकत देता है। फिल्म यह संदेश देती है कि असली चमक सिर्फ बाहरी रूप में नहीं, बल्कि इंसान की नेक नीयत, मजबूत इरादों और उन्हें हकीकत में बदलने के जज्बे में होती है।

एक छोटे बच्चे अक्ष की सहज जिज्ञासा के जरिए दिखाई गई यह फिल्म असाधारण हीरों की तलाश से शुरू होती है। रोजमर्रा की चीजों में चमक तलाशते हुए अक्ष की खोज धीरे-धीरे उसे एक पैरा खिलाड़ी प्रशिक्षण केंद्र तक ले जाती है। वहाँ वह खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प, अनुशासन और लगातार मेहनत करने के जज़्बे को करीब से देखता है। उसे एहसास होता है कि यही असली ‘अनोखे हीरे’ हैं, जो अपने मजबूत इरादों के दम पर सपनों को पूरा करने और अपनों से किए वादों को निभाने की कोशिश करते हैं। फिल्म इस विचार को जीवंत करती है- “यही तो हैं अनोखे हीरे, जो अपने इरादों की चमक से वादों को निभाते हैं।” यह संदेश देता है कि मजबूत इच्छाशक्ति सपनों को हकीकत में बदल सकती है।

एसबीआई लाइफ की नई फिल्म यहाँ देखें:

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नई फिल्म के लॉन्च पर एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के ईवीपी एवं ब्रांड, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और सीएसआर प्रमुख रवींद्र शर्मा ने कहा, “हर आकांक्षा के साथ एक वादा जुड़ा होता है- खुद से किया गया वादा और अक्सर उन लोगों से भी, जो हमारी जिंदगी में सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। हमारे पैरा खिलाड़ियों का सफर दिखाता है कि दृढ़ संकल्प और खुद पर अटूट विश्वास के दम पर लोग अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर वह हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं, जिसका उन्होंने सपना देखा है। ये हमारे ‘अनोखे हीरे’ हैं, जिनके कामों में उनका संकल्प झलकता है और जो अपने वादों को मायने देते हैं।“

“एसबीआई लाइफ का पैरा खेलों से जुड़ाव इंसान की क्षमताओं की ताकत और लोगों को अपनी अहम् आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद देने के साझा विश्वास पर आधारित है। इस फिल्म के जरिए हम इसी सोच को लोगों तक पहुँचाना चाहते हैं। हमारा संदेश सरल, लेकिन बेहद अहम् है- हर सपने को पूरा करने की कोशिश होनी चाहिए और अपनों से किए गए हर वादे का अपना महत्व है। यही हमारे ब्रांड के मूल दर्शन ‘अपने लिए, अपनों के लिए’ की भावना है।”

यह फिल्म पैरा खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प और उन वादों के बीच संबंध दिखाती है, जो लोगों को आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देते हैं। यह बताती है कि अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश अक्सर अपनों के प्रति जिम्मेदारियाँ निभाने से भी जुड़ी होती है। इस सफर में एसबीआई लाइफ का जुड़ाव उन चीजों को सुरक्षित रखने के महत्व को रेखांकित करता है, जो लोगों के लिए सबसे ज्यादा मायने रखती हैं।

फिल्म में इस संदेश को “और इन्हीं सभी अनोखे इरादों की सुरक्षा करता है एसबीआई लाइफ” के विचार के साथ पेश किया गया है। इसके जरिए ब्रांड को ऐसे भरोसेमंद साथी के रूप में दर्शाया गया है, जो लोगों को अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों और वादों को सुरक्षित रखने में मदद करने की भावना रखता है।

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पैरा कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के प्रमुख साझेदार के रूप में एसबीआई लाइफ पैरा खेलों के साथ अपने जुड़ाव को लगातार मजबूत कर रहा है। इसके साथ ही, कंपनी सपनों, मुश्किलों से लड़ने की क्षमता और दृढ़ संकल्प जैसे मूल्यों को भी बढ़ावा दे रही है। इस फिल्म के माध्यम से ब्रांड ने खेलों की उपलब्धियों के पीछे छिपी मानवीय कहानियों पर ध्यान केंद्रित किया है- व्यक्तिगत संकल्प, अटूट प्रतिबद्धता और वे वादे, जो लोगों को लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

फिल्म का समापन एक सरल, लेकिन प्रभावशाली संदेश के साथ होता है कि असली चमक अपने सपनों की ओर लगातार आगे बढ़ते रहने के विश्वास में है। ‘अनोखे हीरे’ के जरिए एसबीआई लाइफ भारत के पैरा खिलाड़ियों को सलाम करता है, जिनका सफर मुश्किलों का सामना करने, अपने उद्देश्य के प्रति समर्पित रहने और हार न मानने के साहस की मिसाल है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।