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MLC Elections 2026 Results: बैलेट पेपर चुनाव में कांग्रेस की शून्य सीट पर पीएम मोदी का तंज, जानिए UP समेत 4 राज्यों का पूरा सियासी समीकरण

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
6 Min Read

नई दिल्ली|

उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में हुए विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों के बीच देश की सियासत गरमा गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। पीएम मोदी ने सवाल उठाया कि जिन विधान परिषद चुनावों में मतदान बैलेट पेपर से हुआ, उनमें कांग्रेस आखिर कितनी सीटें जीत सकी?

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार चुनाव प्रणाली और EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं।

 

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चार राज्यों की 28 MLC सीटों का चुनावी लेखा–जोखा

चार प्रमुख राज्यों में विधान परिषद की कुल 28 सीटों पर चुनाव कराए गए थे। इनमें:

  • उत्तर प्रदेश: 11 सीटें (शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र)
  • बिहार: 8 सीटें
  • महाराष्ट्र: 5 सीटें
  • कर्नाटक: 4 सीटें

इन 28 सीटों में से कांग्रेस ने 12 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि, उपलब्ध नतीजों के अनुसार कांग्रेस एक भी सीट (0 सीट) जीतने में सफल नहीं रही। इसी निराशाजनक प्रदर्शन को आधार बनाकर प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति और उसकी मांगों पर सवाल खड़े किए।

 

उत्तर प्रदेश: BJP और SP के बीच सीधी टक्कर

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उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों पर रुझान और नतीजे सामने आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने इन MLC चुनावों में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे थे, जिससे मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच केंद्रित रहा।

घोषित नतीजों में भाजपा ने 5 सीटों पर और समाजवादी पार्टी ने 3 सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि शेष 3 सीटों पर मतगणना प्रक्रिया जारी है।

 

प्रमुख विजेता उम्मीदवारों की सूची:

निर्वाचन क्षेत्रविजयी उम्मीदवारपार्टी
मेरठ स्नातकदिनेश कुमार गोयलभाजपा
लखनऊ शिक्षकउमेश द्विवेदीभाजपा
मेरठ शिक्षकश्रीचंद्र शर्माभाजपा
बरेली–मुरादाबाद शिक्षकडॉ. हरि सिंह ढिल्लोंभाजपा
वाराणसी शिक्षकलाल बिहारी यादवसपा
आगरा शिक्षकडॉ. आकाश अग्रवालसपा

 

वाराणसी और आगरा के नतीजे: सपा के लिए बड़ी राजनीतिक बढ़त

2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इन MLC नतीजों को बेहद अहम माना जा रहा है:

  1. वाराणसी शिक्षक सीट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव की जीत को सपा अपने मजबूत होते जनाधार के रूप में देख रही है।
  2. आगरा शिक्षक सीट: आगरा में सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल की जीत ने साबित किया कि शिक्षक और बुद्धिजीवी वर्ग के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत हुई है।
  3. भाजपा का दबदबा: मेरठ (स्नातक और शिक्षक दोनों) और लखनऊ जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर भाजपा की जीत ने यह स्पष्ट किया कि शहरी व शिक्षित मतदाताओं के बीच उसका संगठनात्मक ढांचा अभी भी काफी मजबूत है।

पीएम मोदी के बयान के राजनीतिक मायने

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पीएम मोदी के बयान का मुख्य उद्देश्य EVM बनाम बैलेट पेपर की बहस पर विराम लगाना है। भाजपा का तर्क है कि जब बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी कांग्रेस कर्नाटक जैसी अपनी सरकार वाले राज्य और अन्य राज्यों में खाता नहीं खोल सकी, तो हार का ठीकरा EVM पर फोड़ना तर्कसंगत नहीं है।

 

2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज

उत्तर प्रदेश में तीन सीटों के अंतिम नतीजे आने अभी बाकी हैं, लेकिन इन नतीजों ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बिगुल फूंक दिया है। जहां भाजपा अपने कैडर का मनोबल ऊंचा बनाए रखने में सफल दिख रही है, वहीं सपा वाराणसी और आगरा की जीत को अपनी रणनीति की सफलता बता रही है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. पीएम मोदी ने कांग्रेस पर बैलेट पेपर को लेकर क्या तंज कसा?

उत्तर: पीएम मोदी ने कहा कि 4 राज्यों की 28 MLC सीटों पर बैलेट पेपर से मतदान हुआ था, लेकिन इसके बावजूद 12 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी।

Q2. उत्तर प्रदेश की 11 MLC सीटों में भाजपा और सपा को कितनी सीटें मिलीं?

उत्तर: अब तक घोषित परिणामों के अनुसार, भाजपा ने 5 और समाजवादी पार्टी ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की है। 3 सीटों पर मतगणना जारी है।

Q3. क्या उत्तर प्रदेश MLC चुनाव में कांग्रेस ने प्रत्याशी उतारे थे?

उत्तर: नहीं, उत्तर प्रदेश की 11 MLC सीटों पर कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी नहीं उतारे थे। यहाँ सीधा मुकाबला BJP और SP के बीच था।

संदर्भ एवं उपयोगी लिंक्स (Relevant Links)

  • मातृभूमि का इतिहास: इतिहास, संस्कृति और समसामयिक विषयों की विस्तृत जानकारी के लिए विजिट करें: Matribhumi Samachar Official Website

 अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख उपलब्ध प्राथमिक रिपोर्टों, चुनावी आंकड़ों और सार्वजनिक बयानों के आधार पर केवल सूचनात्मक एवं विश्लेषणात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। अंतिम और आधिकारिक चुनावी आंकड़ों की पुष्टि संबंधित राज्य निर्वाचन आयोगों द्वारा की जाती है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।