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एशियन गेम्स 2026: नीरू धांडा का ऐतिहासिक स्वर्ण, भारत के पदकों का आंकड़ा 48 पहुंचा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
6 Min Read

नागोया (जापान)।

एशियाई खेल 2026 (Asian Games 2026) में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। 29 सितंबर 2026 का दिन भारतीय खेलों के इतिहास में विशेष रूप से दर्ज हो गया है। हरियाणा की निशानेबाज नीरू धांडा ने महिला व्यक्तिगत ट्रैप शूटिंग में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया है। वहीं मुक्केबाजी और एथलेटिक्स स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदकों का सिलसिला बरकरार रखा है।

नीरू धांडा का शूटिंग में ऐतिहासिक रिकॉर्ड और स्वर्ण पदक

भारतीय निशानेबाज नीरू धांडा एशियन गेम्स की महिला व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बन गई हैं।

  • फाइनल में नया एशियाई रिकॉर्ड: नीरू ने फाइनल में 30 में से 28 सटीक निशाने लगाकर न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि नया एशियाई रिकॉर्ड भी स्थापित किया।
  • प्रतिद्वंद्वी: चीन की सुन युनोंग ने 26 अंकों के साथ रजत और कुवैत की हजर अब्दुलमलिक ने 21 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
  • क्वालिफिकेशन प्रदर्शन: नीरू ने क्वालिफिकेशन राउंड में 125 में से 118 अंक बनाकर फाइनल में प्रवेश किया था।

नीरू धांडा इससे पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ चुकी हैं; उन्होंने इटली के लोनाटो में आयोजित ISSF विश्व कप 2026 में भी व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण जीता था।

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महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत को मिला रजत

व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ टीम स्पर्धा में भी भारतीय निशानेबाज़ों ने कमाल किया। नीरू धांडा, आशीमा अहलावत और मनीषा कीर की तिकड़ी ने कुल 328 अंक हासिल कर महिला ट्रैप टीम स्पर्धा का रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया। इस स्पर्धा में चीन (346 अंक) ने स्वर्ण और कुवैत (325 अंक) ने कांस्य पदक जीता।

 

बॉक्सिंग: नरेंद्र बेरवाल को कांस्य, परवीन और अंकुश फाइनल में

मुक्केबाजी रिंग से भी भारत के लिए अच्छी खबरें आईं:

  1. नरेंद्र बेरवाल (कांस्य पदक): पुरुषों के +90 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में नरेंद्र बेरवाल को कजाखस्तान के विश्व चैंपियन ऐबेक ओरलबे से 0-5 से हार का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल तक पहुंचने के कारण उन्हें कांस्य पदक मिला।
  2. परवीन हुड्डा (फाइनल में): महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में परवीन ने चीन की ली शू को 5-0 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
  3. अंकुश पंघाल (फाइनल में): पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में अंकुश ने उज्बेकिस्तान के विश्व चैंपियन फजलिद्दीन एरकिनबोएव को 4-1 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया।

परवीन और अंकुश के फाइनल में पहुंचने से भारत के लिए बॉक्सिंग में कम से कम दो और पदक (रजत या स्वर्ण) पक्के हो चुके हैं।

चोट के बावजूद मुरली श्रीशंकर ने लंबी कूद में जीता रजत

भारतीय एथलेटिक्स दल के प्रमुख सदस्य और लंबी कूद (Long Jump) खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर ने अपनी अद्भुत खेल भावना का परिचय दिया। प्रतियोगिता के दौरान टखने में चोट लगने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और बेहतरीन छलांग लगाते हुए रजत पदक अपने नाम किया।

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एशियन गेम्स 2026: भारत की अपडेटेड पदक तालिका (29 सितंबर 2026)

29 सितंबर 2026 तक सामने आए परिणामों के अनुसार, भारत की कुल पदक संख्या 48 हो गई है।

पदक प्रकारपदक संख्या
🥇 स्वर्ण (Gold)5
🥈 रजत (Silver)21
🥉 कांस्य (Bronze)22
🏅 कुल (Total)48

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. एशियन गेम्स 2026 में महिला व्यक्तिगत ट्रैप शूटिंग में किसने स्वर्ण पदक जीता?

उत्तर: हरियाणा की नीरू धांडा ने 30 में से 28 अंक हासिल कर महिला व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया।

Q2. 29 सितंबर 2026 तक एशियन गेम्स 2026 में भारत के पास कितने पदक हैं?

उत्तर: 29 सितंबर 2026 तक भारत के पास कुल 48 पदक (5 स्वर्ण, 21 रजत, 22 कांस्य) हैं।

Q3. किन भारतीय मुक्केबाजों ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में जगह बनाई है?

उत्तर: परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में प्रवेश किया है।

Q4. मुरली श्रीशंकर ने एशियन गेम्स 2026 में किस स्पर्धा में पदक जीता?

उत्तर: मुरली श्रीशंकर ने एथलेटिक्स की लंबी कूद (Long Jump) स्पर्धा में टखने की चोट के बावजूद रजत पदक जीता।

 

Disclaimer

यह समाचार लेख खेल समाचार स्रोतों एवं आधिकारिक घोषणाओं से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। एशियन गेम्स 2026 की पदक तालिका और मुकाबलों के परिणाम लाइव अपडेट्स के अनुसार परिवर्तित हो सकते हैं।

 

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।