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तमिलनाडु-बंगाल चुनाव 2026: ‘थलापति’ विजय की ग्रैंड एंट्री और नंदीग्राम में हाई-वोल्टेज मुकाबला, जानें पूरा शेड्यूल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

चेन्नई/कोलकाता | मंगलवार, 31 मार्च 2026

तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों का बिगुल फूँकने के साथ ही सियासत अपने चरम पर पहुँच गई है। 30 मार्च को आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन प्रक्रिया के पहले ही दिन कई दिग्गजों ने अपने पर्चे दाखिल कर मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। जहाँ तमिलनाडु में ‘सुपरस्टार’ विजय की राजनीतिक एंट्री ने समीकरण बदल दिए हैं, वहीं बंगाल में नंदीग्राम एक बार फिर ‘हाई-वोल्टेज’ लड़ाई का केंद्र बन गया है।

? तमिलनाडु: ‘थलापति’ विजय का डबल धमाका और स्टालिन की चुनौती

तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान होना है। इस बार राज्य में मुकाबला केवल डीएमके और एआईएडीएमके के बीच नहीं, बल्कि ‘पंचकोणीय’ (Five-cornered) होने की उम्मीद है।

  • विजय की औपचारिक शुरुआत: अभिनेता से नेता बने विजय ने अपनी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) की ओर से पेरंबूर (चेन्नई) और त्रिची ईस्ट सीटों से नामांकन दाखिल किया। उन्होंने नामांकन पत्र में अपना नाम ‘सी. जोसेफ विजय’ दर्ज किया है।

  • मुख्यमंत्री का नामांकन: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने चेन्नई की कोलाथुर सीट से अपना पर्चा भरा और ‘धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन’ की जीत का दावा किया।

  • दिग्गज मैदान में: डीएमके के कद्दावर मंत्री के.एन. नेहरू ने त्रिची वेस्ट से नामांकन किया। वहीं, सीमान की पार्टी NTK और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी अपनी ताकत झोंक दी है।

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? पश्चिम बंगाल: सुवेंदु अधिकारी का दोहरा दांव, टीएमसी की घेराबंदी

पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर इस बार चुनाव केवल दो चरणों (23 और 29 अप्रैल) में सिमट गया है। पहले चरण की 152 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

  • नंदीग्राम और भवानीपुर से सुवेंदु: बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने एक बड़ा दांव खेलते हुए नंदीग्राम के साथ-साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर से भी नामांकन दाखिल किया है। उनके साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और दिलीप घोष भी मौजूद रहे।

  • वोटर लिस्ट पर विवाद: तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग द्वारा जारी चौथी पूरक मतदाता सूची (Supplementary Voter List) पर सवाल उठाए हैं, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।

  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम: पहले चरण के लिए संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय बलों की तैनाती शुरू कर दी गई है।

? इलेक्शन कैलेंडर 2026: एक नज़र में

नीचे दी गई तालिका दोनों राज्यों के चुनावी कार्यक्रम को स्पष्ट करती है:

विवरणतमिलनाडु (सभी सीटें)पश्चिम बंगाल (चरण-1)पश्चिम बंगाल (चरण-2)
नामांकन की अंतिम तिथि06 अप्रैल 202606 अप्रैल 202609 अप्रैल 2026
नामांकन की जांच07 अप्रैल 202607 अप्रैल 202610 अप्रैल 2026
नाम वापसी की तिथि09 अप्रैल 202609 अप्रैल 202613 अप्रैल 2026
मतदान की तारीख23 अप्रैल 202623 अप्रैल 202629 अप्रैल 2026
नतीजों का दिन04 मई 202604 मई 202604 मई 2026

? मुख्य आकर्षण: जो इस चुनाव को अलग बना रहे हैं

  1. युवा शक्ति: तमिलनाडु में इस बार 1.18 करोड़ पहली बार मतदान करने वाले (First-time voters) युवा निर्णायक भूमिका में होंगे।

  2. डिजिटल बैलेट: चुनाव आयोग ने इस बार बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो लगाने का फैसला किया है ताकि मतदाताओं को भ्रम न हो।

  3. हॉट सीट्स: नंदीग्राम (WB), भवानीपुर (WB), कोलाथुर (TN) और पेरंबूर (TN) पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।

निष्कर्ष: जहाँ तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के नए उत्तराधिकारी की तलाश है, वहीं बंगाल में सत्ता विरोधी लहर और ‘अस्मिता’ की जंग के बीच मतदाता किसके पक्ष में जाते हैं, यह 4 मई को साफ होगा।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।