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पाकिस्तान में ‘ऊर्जा आपातकाल’: मिडिल ईस्ट युद्ध की आग में झुलसी अर्थव्यवस्था, पेट्रोल-डीजल के बाद अब हवाई सफर और रसोई गैस भी ‘पहुंच’ से बाहर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

इस्लामाबाद | सोमवार, 30 मार्च 2026

मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) के आंशिक रूप से बंद होने का सबसे विनाशकारी असर पाकिस्तान पर पड़ा है। अपनी तेल जरूरतों का 70% से अधिक हिस्सा मिडिल ईस्ट से आयात करने वाले पाकिस्तान में ऊर्जा संकट गहरा गया है। शिपिंग रूट्स प्रभावित होने से न केवल सप्लाई चेन टूटी है, बल्कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $115-120 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।

पेट्रोल-डीजल और सरकार की ‘सब्सिडी’ वाली मजबूरी

पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत वर्तमान में 321.17 रुपये प्रति लीटर और डीजल 335.86 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर है। हालांकि, सरकार ने मार्च के अंत में कीमतों को और अधिक बढ़ने से रोकने के लिए “प्राइस फ्रीज” (Price Freeze) लागू किया है। इसके लिए करीब ₹69 अरब की भारी सब्सिडी दी जा रही है, जो पहले से ही कर्ज में डूबी अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय कीमतें कम नहीं हुईं, तो आने वाले हफ्तों में पेट्रोल की कीमतों में ₹50-60 की एक और बड़ी उछाल देखने को मिल सकती है।

रसोई गैस की किल्लत: ₹5,135 तक पहुंचा सिलेंडर

एलपीजी (LPG) की कीमतों ने गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। आधिकारिक दरों और बाजार की कीमतों में भारी अंतर देखा जा रहा है:

  • घरेलू सिलेंडर (11.67 kg): विभिन्न शहरों में यह 3,900 रुपये से लेकर 5,135 रुपये के बीच बिक रहा है।

  • केरोसिन तेल: इसकी कीमत 433.40 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जिससे ग्रामीण इलाकों में खाना पकाना लगभग असंभव हो गया है।

एविएशन सेक्टर पर संकट: 28 दिनों में 5 बार बढ़े दाम

सबसे चौंकाने वाली बढ़ोतरी जेट फ्यूल (JP-1) में देखी गई है। पिछले 28 दिनों में इसमें 5 बार संशोधन हुआ है। 1 मार्च को जो ईंधन ₹190 प्रति लीटर था, वह अब ₹476.97 प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर है। इसके चलते घरेलू उड़ानों (जैसे कराची से इस्लामाबाद) का एक तरफ का किराया ₹40,000 से ₹50,000 तक पहुंच गया है। एयरलाइंस ने चेतावनी दी है कि यदि कीमतें कम नहीं हुईं, तो वे परिचालन बंद करने पर मजबूर हो सकती हैं।

देश के पास कितना बचा है ‘तेल’? (स्टॉक की स्थिति)

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान का ईंधन स्टॉक चिंताजनक स्तर पर बना हुआ है:

ईंधन का प्रकारउपलब्ध स्टॉक (दिनों में)
एलपीजी (LPG)9 दिन
कच्चा तेल (Crude Oil)11 दिन
जेट फ्यूल (JP-1)14 दिन
डीजल21 दिन
पेट्रोल27 दिन

‘ग्रोसरी इमरजेंसी’ की आहट

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल ईंधन का संकट नहीं है। परिवहन महंगा होने के कारण अब देश में खाद्य संकट (Food Crisis) की स्थिति बन रही है। ईरान से होने वाली गैस सप्लाई में भारी गिरावट और ओमान/सऊदी अरब से आने वाले जहाजों की देरी ने स्थिति को “दोहरी मार” में बदल दिया है। यदि अप्रैल के मध्य तक सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो पाकिस्तान को बड़े पैमाने पर बिजली कटौती (Blackouts) और उद्योगों के बंद होने का सामना करना पड़ सकता है।

मुख्य बिंदु:

  • पेट्रोल-डीजल: अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद सरकार ने कीमतें स्थिर रखने के लिए ₹69 अरब की भारी सब्सिडी का सहारा लिया।

  • हवाई ईंधन (Jet Fuel): महज 28 दिनों में 5वीं बार बढ़ोतरी, ₹476.97 प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।

  • रसोई गैस (LPG): सिलेंडर की कीमतें ₹5,000 के पार; आम जनता के लिए चूल्हा जलाना हुआ दूभर।

  • ईंधन भंडार: देश के पास केवल 11 दिन का कच्चा तेल और 9 दिन की एलपीजी शेष।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।