कानपुर | सोमवार, 30 मार्च 2026
उत्तर प्रदेश की प्रमुख व्यापारिक मंडी, कानपुर (चकरपुर) में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन अनाज, दलहन और तिलहन के भावों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। होली के बाद नई फसल की आवक में आई तेजी ने जहां गेहूं और मक्का की कीमतों को एक दायरे में सीमित कर दिया है, वहीं दालों और खाद्य तेलों के बाजार में मांग का दबाव साफ महसूस किया जा रहा है।
🌾 अनाज बाजार: गेहूं की आवक ने लगाई कीमतों पर लगाम
मंडी में सोमवार को गेहूं की नई फसल (दरा और हाइब्रिड) की बंपर आवक दर्ज की गई। सरकारी खरीद केंद्रों के सक्रिय होने और निजी मिलों की संतुलित खरीदारी के कारण भाव ₹2,500 के आसपास टिके हुए हैं। जानकारों का मानना है कि अप्रैल के पहले पखवाड़े तक कीमतों में बड़ी तेजी की संभावना नहीं है।
| अनाज | न्यूनतम भाव (₹/क्विंटल) | अधिकतम भाव (₹/क्विंटल) | बाजार का रुख |
| गेहूं (दरा) | 2,431 | 2,513 | ➡️ स्थिर |
| जौ | 2,250 | 2,350 | ➡️ सामान्य |
| मक्का | 1,600 | 1,800 | ⬇️ गिरावट |
| बाजरा | 1,700 | 2,100 | ➡️ स्थिर |
🫘 दलहन बाजार: अरहर और उड़द में ‘उबाल’, सप्लाई की कमी
दलहन बाजार में इस समय स्टॉक की कमी और लेवाली (डिमांड) तेज होने से कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। विशेष रूप से अरहर और उड़द की दाल के भावों में मजबूती देखी जा रही है। चने के भाव में भी पिछले सप्ताह की तुलना में मामूली सुधार दर्ज किया गया है।
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चना: ₹5,400 – ₹5,500
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अरहर (तुअर): ₹7,000 – ₹7,500
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उड़द: ₹5,500 – ₹7,000
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मसूर: ₹5,650 – ₹5,850
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मटर (सफेद): ₹3,450 – ₹4,000
🌻 तिलहन बाजार: सरसों और तिल्ली की चमक बरकरार
खाद्य तेलों की बढ़ती मांग और तेल मिलों द्वारा की जा रही भारी खरीदारी ने सरसों (लाही) के भावों को मजबूती दी है। तिल्ली के भाव ₹8,500 के स्तर को पार कर गए हैं, जो पिछले कुछ महीनों का उच्चतम स्तर है।
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सरसों/लाही: ₹5,400 – ₹6,600
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तिल्ली (तिल): ₹8,000 – ₹8,600
📊 एक्सपर्ट कमेंट: आगे क्या होगा?
कानपुर के वरिष्ठ व्यापार विश्लेषकों के अनुसार, “वर्तमान में बाजार पूरी तरह से आवक पर निर्भर है। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और बाजार भाव लगभग बराबर होने से किसान खुले बाजार में बिक्री को प्राथमिकता दे रहे हैं। आने वाले दिनों में सरसों में और तेजी की संभावना है, जबकि दालों के भाव सप्लाई सुधरने तक इसी स्तर पर बने रह सकते हैं।”
नोट: ऊपर दिए गए भाव थोक मंडी के हैं। इनमें माल की गुणवत्ता (Quality) और नमी के आधार पर बदलाव संभव है। खुदरा बाजार में दालों और अनाज के भाव इनसे 15-20% अधिक हो सकते हैं।
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