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सागर: पीले ऑटो वाले शातिर गोवंश चोर गिरोह का पर्दाफाश, सीसीटीवी की मदद से 3 आरोपी गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

भोपाल । गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 

मध्य प्रदेश के सागर जिले में मवेशी चोरी की बढ़ती वारदातों पर लगाम कसते हुए गोपालगंज थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने शहर के हृदय स्थल में सक्रिय एक शातिर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो ऑटो रिक्शा का उपयोग कर गाय और बछड़ों की चोरी करते थे। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस के आधुनिक सीसीटीवी कंट्रोल रूम ने “गेम चेंजर” की भूमिका निभाई।

वारदात का तरीका: पीले-काले ऑटो का ‘हरा स्टिकर’ बना सुराग

जानकारी के अनुसार, गोपालगंज थाना क्षेत्र के एकता कॉलोनी में पिछले कुछ दिनों से लगातार गोवंश चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। चोरों ने ध्रुव यादव की सफेद गाय और गौरक्षा दल के सदस्य आशीष दुबे के लाल बछड़े को अपना निशाना बनाया था।

पुलिस अधीक्षक विकास कुमार शहवाल के निर्देश पर जब जांच शुरू हुई, तो टीम ने कंट्रोल रूम से लगभग 100 से अधिक कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध पीले-काले रंग का ऑटो बार-बार नजर आया, जिसकी पहचान उस पर लगे एक विशिष्ट हरे रंग के स्टिकर से हुई। इसी सुराग ने पुलिस को आरोपियों की दहलीज तक पहुँचा दिया।

आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी

मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:

  1. कासिम कुरैशी (26): निवासी बाघराज वार्ड।

  2. शाहरुख कुरैशी (25): निवासी राहतगढ़ बस स्टैंड।

  3. चाँद उर्फ दिलावर कुरैशी (26): निवासी राहतगढ़ बस स्टैंड।

कानूनी कार्रवाई और सुधार

गोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यहाँ यह सुधार महत्वपूर्ण है कि नए कानूनों के लागू होने के बाद अब चोरी के मामलों में बीएनएस की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 12 मई 2026 तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।