लोड हो रहा है...

लखनऊ में हिंदू युवा वाहिनी के नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की सनसनीखेज हत्या, फॉर्च्यूनर में मारी गोली, दुबग्गा की नहर में मिला शव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read
लखनऊ । रविवार, 30 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को एक दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी और महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। शनिवार शाम से लापता धीरेंद्र प्रताप सिंह का शव रविवार को दुबग्गा पुलिस थाना क्षेत्र के पास किसान पथ के करीब स्थित नहर से बरामद हुआ।

फॉर्च्यूनर में ही मारी गोली, नहर में फेंका शव

प्रारंभिक पुलिस जांच और फोरेंसिक साक्ष्यों के अनुसार, बदमाशों ने धीरेंद्र प्रताप सिंह की ही फॉर्च्यूनर गाड़ी के अंदर उन्हें माथे और सीने में करीब से गोली मारी, जिसके बाद शव को छिपाने की नियत से दुबग्गा की नहर में फेंक दिया।
मूल रूप से उन्नाव जिले के फतेहपुर चौरासी क्षेत्र (ग्राम राजेपुर) के निवासी धीरेंद्र प्रताप सिंह वर्तमान में लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में रह रहे थे। वह क्षेत्र में सामाजिक कार्यों और हिंदूवादी राजनीति में काफी लंबे समय से सक्रिय थे।

जमीन विवाद और करीब 50 करोड़ की संपत्ति की रंजिश का एंगल

मामले की तफ्तीश में जुटी लखनऊ पुलिस और एसटीएफ (STF) की टीमों के अनुसार, हत्या के पीछे लगभग 50 करोड़ रुपये मूल्य की एक जमीन से जुड़ा विवाद और पुरानी व्यावसायिक रंजिश मुख्य वजह मानी जा रही है।

निजी चालक की संदिग्ध भूमिका और 6 लोग हिरासत में

परिजनों की आशंका और शुरुआती पूछताछ के आधार पर पुलिस ने धीरेंद्र प्रताप सिंह के निजी वाहन चालक (ड्राइवर) रवि तिवारी को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कड़ाई से पूछताछ के दौरान चालक की निशानदेही पर ही दुबग्गा के पास नहर से शव बरामद किया गया। पुलिस ने चालक सहित कुल 6 संदिग्धों को हिरासत में लिया है और घटना की हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. धीरेंद्र प्रताप सिंह कौन थे?
उत्तर: धीरेंद्र प्रताप सिंह मूल रूप से उन्नाव के निवासी थे और हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी तथा महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष थे।
Q2. घटना की मुख्य वजह क्या मानी जा रही है?
उत्तर: पुलिस की शुरुआती तफ्तीश के अनुसार, हत्या के पीछे उन्नाव-लखनऊ से जुड़े लगभग 50 करोड़ रुपये की जमीन का विवाद और पुरानी रंजिश बताई जा रही है।
Q3. पुलिस जांच में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
उत्तर: पुलिस और एसटीएफ की टीमें मामले की जांच कर रही हैं। मृतक के वाहन चालक सहित 6 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख प्राथमिक जांच, पुलिस बयानों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। मामले में पुलिस व फॉरेंसिक टीम द्वारा विस्तृत जांच जारी है। आधिकारिक चार्जशीट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर तथ्यों में नए अपडेट हो सकते हैं।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।