लोड हो रहा है...

ECI Big Decision: SIR पूरा होने वाले राज्यों में नए मतदाता पंजीकरण से हटा अतिरिक्त Declaration, Form 6 से आवेदन हुआ आसान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

नई दिल्ली ।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश भर में मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े Form 6 से SIR का अतिरिक्त Declaration (घोषणापत्र) हटाने का निर्णय लिया गया है।

इस फैसले से पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं और छूटे हुए पात्र नागरिकों के लिए सामान्य प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल कराने का रास्ता आसान हो गया है।

 

- Advertisement -

क्या था SIR के दौरान अतिरिक्त Declaration?

Special Intensive Revision (SIR) के दौरान Form 6 के आवेदन के साथ आवेदकों से एक अतिरिक्त Declaration पत्र भरवाया जा रहा था। इस फॉर्म में आवेदक को अपने, माता-पिता या दादा-दादी के नाम का संबंध पिछली Intensive Revision की आधिकारिक मतदाता सूची से दर्ज करना अनिवार्य था।

यह व्यवस्था विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान मतदाता आंकड़ों के गहन सत्यापन और मैपिंग के उद्देश्य से लागू की गई थी।

 

ECINET पोर्टल और CEO वेबसाइटों पर अपडेट

निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, जिन 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों (जैसे बिहार, पश्चिम बंगाल आदि) में 26 सितंबर 2026 तक SIR प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है, वहां:

  • ECINET पोर्टल और संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की वेबसाइटों से अतिरिक्त SIR Declaration के विकल्प को हटा दिया गया है।
  • आवेदक अब Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित मूल व सामान्य Form 6 के जरिए सीधे ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।
  • ECI ने यह स्पष्ट किया है कि Form 6 में कोई नया या स्थायी बदलाव नहीं किया गया है; पुराना Declaration केवल विशेष पुनरीक्षण अभियान तक ही सीमित था।

जिन राज्यों में SIR जारी है, वहां क्या होगी प्रक्रिया?

निर्वाचन आयोग के अनुसार, जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अभी SIR अभियान पूरा नहीं हुआ है, वहां अतिरिक्त Declaration की व्यवस्था फिलहाल लागू रहेगी। उन क्षेत्रों में मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया SIR के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही संचालित की जाएगी।

- Advertisement -

जैसे ही उन राज्यों में SIR प्रक्रिया संपन्न होगी, वहां भी सामान्य Form 6 प्रक्रिया को बहाल कर दिया जाएगा।

नए और पात्र मतदाताओं के लिए इसके मायने

  1. कागजी कार्रवाई में कमी: अब आवेदकों को पुरानी मतदाता सूची से संबंध साबित करने वाले अतिरिक्त फॉर्म या दस्तावेज लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
  2. तेज और सरल प्रक्रिया: पोर्टल से अतिरिक्त नियम हट जाने से ECINET व मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन आवेदन तेजी से स्वीकृत होंगे।
  3. ERO के पास सीधा आवेदन: SIR पूरा होने के बाद भी यदि किसी पात्र नागरिक का नाम छूट गया है, तो वह संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) के पास Form 6 जमा कर सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. Form 6 से क्या बदलाव हटाया गया है?

उत्तर: SIR वाले राज्यों में Form 6 के साथ माता-पिता या पूर्वज के पिछले Intensive Revision रिकॉर्ड से संबंध बताने वाला अतिरिक्त Declaration हटा दिया गया है।

Q2. क्या Form 6 का प्रारूप हमेशा के लिए बदल गया है?

उत्तर: नहीं, निर्वाचन आयोग ने Form 6 में कोई नया स्थायी बदलाव नहीं किया है। केवल विशेष पुनरीक्षण (SIR) के दौरान लिया जाने वाला अस्थाई फॉर्म हटाया गया है।

Q3. SIR पूरा होने के बाद वोटर कार्ड के लिए कैसे आवेदन करें?

उत्तर: पात्र नागरिक ECINET पोर्टल, CEO की आधिकारिक वेबसाइट, या Voter Helpline एप के माध्यम से सामान्य Form 6 भरकर आवेदन कर सकते हैं।

 

 

Disclaimer

यह लेख केवल जन–जागरूकता और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। मतदाता पंजीकरण नियमों, फॉर्म भरने की प्रक्रिया और आधिकारिक घोषणाओं की सटीक व अद्यतन जानकारी के लिए हमेशा भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की आधिकारिक वेबसाइट (eci.gov.in) पर जाएं।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।