बैंक के एमएसएमई (MSME) कारोबार के तहत होटलों और रिसॉर्ट्स के लिए विशेष ऋण (लेंडिंग) कार्यक्रम शुरू किया।
भारत के यात्रा, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्रों के साथ जुड़ाव को प्रगाढ़ करने के लिए पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) और ट्रैवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन ऑफ गोवा (TTAG) के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर।
नागपुर, अक्टूबर 2026: भारत में निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंकों में शामिल एक्सिस बैंक ने अपने एमएसएमई पोर्टफोलियो के तहत होटल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत होटलों और रिसॉर्ट को उनकी जरूरतों के अनुरूप वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बैंक ने पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई-पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी विंग) और ट्रैवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन ऑफ गोवा (टीटीएजी) के साथ भी समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
आज भारत में पर्यटन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अब अधिक संख्या में पर्यटक नए स्थानों की यात्रा कर रहे हैं, प्रत्येक यात्रा पर अधिक खर्च कर रहे हैं और बेहतर ठहरने की सुविधाओं की अपेक्षा रखते हैं। इसके चलते होटल और रिसॉर्ट नए प्रतिष्ठानों, मौजूदा सुविधाओं के नवीनीकरण और मेहमानों के अनुभव को बेहतर बनाने में निवेश कर रहे हैं। इस विकास में मध्यम आकार के और स्वतंत्र रूप से संचालित हॉस्पिटैलिटी कारोबारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इन कारोबारों को अपनी परिचालन संबंधी जरूरतों के अनुरूप वित्तीय सहायता और बैंकिंग सुविधाओं की आवश्यकता है।
इन बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, एक्सिस बैंक ने अपने वित्तीय विकल्पों को हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की परिचालन वास्तविकताओं के अनुसार तैयार किया है। ‘होटल एवं हॉस्पिटैलिटी प्रोग्राम’ को होटलों और रिसॉर्ट्स की कार्यप्रणाली के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें उनके विस्तार, नवीनीकरण और परिसंपत्ति निर्माण (एसेट क्रिएशन) की योजनाओं को गति देने के लिए क्षेत्र-विशिष्ट पैमानों को शामिल किया गया है। वहीं पीएचडीसीसीआई और टीटीएजी के साथ हुए समझौते होटलों, रिसॉर्ट्स, टूर ऑपरेटरों और संबंधित व्यवसायों के साथ करीबी तालमेल बनाकर उद्योग जगत से जुड़ाव को और मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर बोलते हुए, विजय शेट्टी (ग्रुप हेड – कमर्शियल बैंकिंग ग्रुप, एक्सिस बैंक) ने कहा: “भारत की अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में एमएसएमई की महत्वपूर्ण भूमिका है और हर क्षेत्र के कामकाज का अपना अलग तरीका है। हमारा प्रयास केवल एक जैसी ऋण व्यवस्था तक सीमित रहने के बजाय ऐसे वित्तीय समाधान तैयार करना है, जो संबंधित क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप हों।
“पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी ऐसा ही एक क्षेत्र है। किसी होटल या रिसॉर्ट की कमाई का तरीका, उसके कारोबार पर मौसम का प्रभाव और मेहमानों को दी जाने वाली सुविधाएं ऐसी जरूरतें पैदा करती हैं, जिनके लिए अलग दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। होटल एवं हॉस्पिटैलिटी कार्यक्रम इसी सोच के आधार पर तैयार किया गया है। पीएचडीसीसीआई और टीटीएजी के साथ हमारी साझेदारी हमें इस क्षेत्र के कारोबारों और उनसे जुड़े मुद्दों पर लगातार संवाद बनाए रखने में मदद करेगी। जैसे-जैसे देश में अधिक लोग पर्यटन की ओर आकर्षित हो रहे हैं, हम उन कारोबारों के साथ खड़े रहना चाहते हैं, जो लोगों को बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराते हैं।”
होटल एवं हॉस्पिटैलिटी कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं
यह कार्यक्रम पात्रता संबंधी शर्तों के अधीन पूरे भारत में उपलब्ध होगा। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
ऋण सुविधाएं: पात्र दो, तीन और चार सितारा होटलों तथा रिसॉर्ट के लिए सावधि ऋण और कार्यशील पूंजी की सुविधा।
ऋण चुकाने की अवधि: अधिकतम 10 वर्ष तक।
क्षेत्र के अनुरूप ऋण आकलन: ऋण देने के निर्णय तेजी से लेने के लिए होटल में कमरों की उपलब्धता के मुकाबले बुकिंग और ठहराव की स्थिति, मेहमानों की रेटिंग तथा नकदी प्रवाह जैसे मानकों के आधार पर आकलन।
विशेष बैंकिंग सहायता: कारोबार की जरूरतों के अनुसार वित्तीय समाधान और समर्पित रिलेशनशिप मैनेजमेंट सहायता।
भारत का पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र होटल एवं आवास सुविधाओं, खानपान, यात्रा, मनोरंजन और पर्यटन स्थलों से जुड़े कारोबारों में लगातार नए अवसर पैदा कर रहा है। इस कार्यक्रम और उद्योग संगठनों के साथ साझेदारी के जरिए एक्सिस बैंक इस क्षेत्र पर अपना ध्यान बनाए रखते हुए विभिन्न स्तरों पर कारोबार करने वाले उद्यमों को निवेश बढ़ाने, विकास करने और देश में बढ़ती पर्यटकों की संख्या की जरूरतों को पूरा करने में सहायता देना चाहता है।
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