लखनऊ. उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर धीरे-धीरे मैदानी राज्यों तक पहुँच रहा है। इसके चलते उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई जा रही है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह मौसम प्रणाली अगले 24 से 48 घंटों तक सक्रिय रह सकती है, जिसके बाद तापमान में गिरावट और ठंड के तेवर और तेज होने के संकेत हैं।
कानपुर मौसम अपडेट: बादल, नमी और बूंदाबांदी का असर
कानपुर में सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार:
- अधिकतम तापमान: लगभग 21°C
- न्यूनतम तापमान: करीब 9°C
- ह्यूमिडिटी लेवल: 65–70% के आसपास
दक्षिण-पूर्वी हवाओं के कारण हवा में नमी बढ़ गई है, जिससे लोगों को सामान्य ठंड की बजाय ‘गलन’ वाली ठंड ज्यादा महसूस हो रही है। आने वाले 1–2 दिनों में शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक के साथ छींटें पड़ने की संभावना बनी हुई है।
दिल्ली-NCR और आसपास के इलाकों में बारिश का अलर्ट
दिल्ली-NCR में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ नजर आ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक:
- हल्की बारिश या फुहारें पड़ सकती हैं
- दिन और रात के तापमान में 2–3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट संभव
- ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का असर बढ़ेगा
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएँ
पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा असर पहाड़ी राज्यों में देखने को मिलेगा।
- जम्मू और कश्मीर
- हिमाचल प्रदेश
- उत्तराखंड
इन राज्यों में मध्यम से भारी बर्फबारी की संभावना है। इसका सीधा असर मैदानी इलाकों में चलने वाली हवाओं पर पड़ेगा, जिससे उत्तर भारत में एक बार फिर शीतलहर (Cold Wave) के हालात बन सकते हैं।
पंजाब-हरियाणा में कोहरे की चेतावनी
पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ नमी बढ़ने से पंजाब और हरियाणा में सुबह के समय घना कोहरा (Dense Fog) छाए रहने की संभावना है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।
बारिश के बाद फिर बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, इस बारिश के सिस्टम के गुजरने के बाद उत्तर भारत में रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा सकती है। कई इलाकों में एक बार फिर कड़ाके की ठंड और शीतलहर का दौर शुरू हो सकता है।
किसानों के लिए अहम सलाह
IMD ने किसानों को मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है:
- कटी हुई फसलों को खुले में न रखें
- बारिश और नमी से बचाव के लिए उन्हें ढके हुए सुरक्षित स्थानों पर रखें
- कोहरे और ठंड को ध्यान में रखते हुए सिंचाई और दवा छिड़काव सोच-समझकर करें
पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत में जहां बारिश और बादल राहत ला सकते हैं, वहीं इसके बाद ठंड और ज्यादा सताने वाली है। ऐसे में आम लोगों, यात्रियों और किसानों को मौसम अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखना जरूरी है।
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