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IPL Media Rights: क्या अगले साइकिल में BCCI दोहरा पाएगा ₹48,390 करोड़ का रिकॉर्ड? जानिए JioStar के दौर की नई रणनीति

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
6 Min Read
नई दिल्ली । सोमवार, 31 अगस्त 2026
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) न केवल दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय टी20 क्रिकेट लीग है, बल्कि यह खेल और मनोरंजन उद्योग की सबसे मजबूत वित्तीय परिसंपत्तियों में से एक है। साल 2023 से 2027 के मौजूदा चक्र के लिए जब IPL के मीडिया अधिकार ₹48,390 करोड़ में बिके थे, तब इसने दुनिया के सबसे महंगे खेल प्रसारणों की सूची में अपना नाम मजबूती से दर्ज कराया था।
हालांकि, जैसे-जैसे अगले मीडिया-राइट्स साइकिल (2028 और उसके बाद) का समय पास आ रहा है, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है: क्या बोर्ड अगली नीलामी में इतनी ही आक्रामक प्रतिस्पर्धा और रिकॉर्ड-तोड़ बोलियां दोबारा हासिल कर पाएगा?

1. मीडिया बाजार का नया समीकरण और एकाधिकार का जोखिम

2023-27 के टेंडर में सबसे बड़ी आक्रामक प्रतिस्पर्धा टीवी अधिकार हासिल करने वाले Disney Star और डिजिटल अधिकार हासिल करने वाले Reliance (JioCinema) के बीच देखने को मिली थी। लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं।
  • JioStar का गठन: Disney Star और Viacom18/JioCinema का एक ही इकाई (JioStar) में विलय हो जाने के कारण भारतीय मीडिया परिदृश्य में एक बड़ा खिलाड़ी बन चुका है।
  • कम होते प्रतिस्पर्धी: बाजार में टीवी और डिजिटल दोनों मोर्चों पर शीर्ष स्तर के बोलीदाताओं की संख्या सीमित दिख रही है।
  • ग्लोबल दिग्गजों की सतर्कता: Amazon Prime Video, Netflix और Google (YouTube) जैसे वैश्विक स्ट्रीमिंग खिलाड़ियों ने भारत में लाइव स्पोर्ट्स राइट्स को लेकर सतर्क रवैया अपनाया है और वे बहुत भारी दांव लगाने से बच रहे हैं।
यदि नीलामी की मेज पर सीमित खिलाड़ी होंगे, तो IPL की वास्तविक बाजार कीमत (Price Discovery) तय करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

2. ROI का दबाव और विज्ञापन राजस्व का संतुलन

ब्रॉडकास्टर्स के लिए महंगे स्पोर्ट्स राइट्स खरीदना तो एक चुनौती है ही, लेकिन उससे भी बड़ी चुनौती Return on Investment (ROI) हासिल करना है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए मुफ्त में मैच दिखाकर सिर्फ विज्ञापन (Ad Revenue) के जरिए ₹48,000+ करोड़ की लागत वसूलना आसान नहीं रहा है। सब्सक्रिप्शन आधारित मॉडल (SVOD) को भी भारतीय बाजार में मूल्य-संवेदनशील ग्राहकों के कारण कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। BCCI को इस बात का भली-भांति अहसास है कि यदि प्रसारक नुकसान में रहेंगे, तो वे अगले चक्र में बोलियां घटा सकते हैं।

3. BCCI की ‘Plan B’ रणनीति: राइट्स पैकेजिंग में फेरबदल

केवल ऊंची आरक्षित कीमत (Reserve Price) तय करने से प्रतिस्पर्धा नहीं बनेगी। इसके लिए BCCI को अपने राइट्स पैकेजिंग और टेंडर नियमों में नयापन लाना होगा।

संभावित पैकेजिंग बदलाव:

टेंडर रणनीतिमुख्य उद्देश्यसंभावित प्रभाव
Non-Exclusive Digital Bundlesएक ही ओटीटी के एकाधिकार को तोड़ना।अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स को एक साथ स्ट्रीमिंग राइट्स देना।
Hyper-Regional Rightsक्षेत्रीय भाषाओं के अधिकार अलग बेचना।क्षेत्रीय मीडिया हाउस और भाषा-विशेष ओटीटी को नीलामी में लाना।
Global Territory Unbundlingअमेरिका, यूरोप, और MENA रीजन के अधिकार अलग करना।Apple TV+, Sony या ग्लोबल रीजनल ऐप्स से ज्यादा वैल्यू निकालना।
Direct-to-Consumer (D2C) Optionविकल्प के रूप में अपना OTT मॉडल।BCCI द्वारा खुद की सब्सक्रिप्शन सर्विस लॉन्च करने की धमकी/तैयारी रखना।

4. IPL की ब्रांड वैल्यू और सकारात्मक पहलू

बाजार की चिंताओं के बावजूद, IPL प्रबंधन और फ्रेंचाइजी मालिकों का मानना है कि इस लीग की ताकत को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए।
  1. अतुलनीय दर्शक संख्या: भारत में किसी भी अन्य मनोरंजन या स्पोर्ट्स इवेंट के पास IPL जैसा समर्पित व्यूअरशिप बेस नहीं है।
  2. 5G और डिजिटल ग्रोथ: देश में 5G के विस्तार के साथ डिजिटल विज्ञापनों का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
  3. लीग का विस्तार: महिला प्रीमियर लीग (WPL) और इम्पैक्ट प्लेयर जैसे नियमों के कारण क्रिकेट फैंस का जुड़ाव साल-दर-साल मजबूत बना हुआ है।

निष्कर्ष

IPL की ब्रांड वैल्यू बेहद मजबूत है, लेकिन अगले मीडिया-राइट्स साइकिल में BCCI की असली परीक्षा प्राइस डिस्कवरी, नए खिलाड़ियों को आकर्षित करने और एक संतुलित मीडिया मॉडल तैयार करने की होगी। क्या बोर्ड पुराने तरीके से एक-एक बड़े दावेदार को पूरा पैकेज बेचेगा या डिजिटल-फर्स्ट दौर में अधिकारों को विभाजित करके अधिक प्रतिस्पर्धा पैदा करेगा? यही फैसला IPL के वित्तीय भविष्य की दिशा तय करेगा।

 

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1: IPL के 2023-27 चक्र के मीडिया अधिकार कितने में बिके थे?
उत्तर: IPL के 2023–27 मीडिया-राइट्स चक्र के टीवी और डिजिटल अधिकार कुल ₹48,390 करोड़ (लगभग 6.2 अरब डॉलर) में बिके थे।
Q2: अगले IPL मीडिया राइट्स टेंडर में BCCI के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
उत्तर: सबसे बड़ी चुनौती बाजार में कम बोलीदाताओं की उपस्थिति और JioStar के रूप में बड़े मीडिया एकीकरण के कारण नीलामी में आक्रामक प्रतिस्पर्धा बनाए रखना है।
Q3: क्या IPL के डिजिटल और टीवी अधिकार अलग-अलग बिक सकते हैं?
उत्तर: हाँ, BCCI अगले चक्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए टीवी, डिजिटल, क्षेत्रीय भाषाओं और अंतरराष्ट्रीय अधिकारों की अलग-अलग पैकेजिंग कर सकता है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख मीडिया बाजार के रुझानों, उद्योग विशेषज्ञों के विश्लेषण और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित एक विश्लेषणात्मक प्रस्तुतकर्ता है। IPL मीडिया-राइट्स की आधिकारिक नीतियां और नियम BCCI द्वारा टेंडर जारी होने के समय ही तय किए जाते हैं। 

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।