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गोरखपुर: गुलरिहा पुलिस की बड़ी सफलता, मदरसे की छात्रा को छुड़ाकर भेजा नारी निकेतन; आरोपी मौलाना सरफराज गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

गोरखपुर । गुरुवार, 25 जून, 2026

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गुलरिहा थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए क्षेत्र के एक मदरसे से अगवा की गई 15 वर्षीय किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले के मुख्य आरोपी मौलाना सरफराज को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पीड़ित किशोरी को फिलहाल कानूनी प्रक्रिया के तहत नारी निकेतन भेजा गया है।

शादी का झांसा देकर अपहरण और नाम बदलने का आरोप

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी मौलाना सरफराज (निवासी: धनौरा विशुनपुर पचीसी, थाना बांसगांव) गुलरिहा क्षेत्र के एक मदरसे में ‘अफरोज’ नाम से मौलवी का काम करता था। आरोप है कि वह वहां पढ़ने वाली 15 वर्षीय छात्रा के संपर्क में था।

मदरसे में सरफराज की गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके चलते घटना से करीब 15 दिन पहले ही उसे मदरसे के प्रबंधन द्वारा हटा दिया गया था। मदरसा छोड़ने के बाद भी वह एम्स थाना क्षेत्र के कुरमौल बहरामपुर स्थित एक अन्य मदरसे में पढ़ाने लगा और किशोरी के साथ फोन के जरिए लगातार संपर्क में रहा। 17 जून की दोपहर को आरोपी ने किशोरी को शादी का झांसा दिया और उसे अपने साथ अगवा कर ले गया।

किशोरी की मां की शिकायत पर शुरू हुई थी तलाश

17 जून को जब किशोरी अचानक अपने घर से गायब हो गई, तो परिजनों में हड़कंप मच गया। किशोरी की मां ने स्थानीय गुलरिहा थाने में तहरीर देकर एक युवक पर शक जताया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्विलांस और मुखबिरों को सक्रिय किया। मंगलवार शाम को पुलिस को आरोपी के ठिकाने की सटीक जानकारी मिली, जिसके बाद छापेमारी कर आरोपी सरफराज को दबोच लिया गया और किशोरी को सकुशल बरामद किया गया।

बढ़ सकती हैं दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धाराएं

गोरखनाथ के क्षेत्राधिकारी (CO) रवि सिंह ने इस मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए बताया कि किशोरी को पूरी विधिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए नारी निकेतन भेज दिया गया है। वहीं, आरोपी मौलाना सरफराज को बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में अभी आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। न्यायालय के समक्ष किशोरी का आधिकारिक बयान (धारा 164 के तहत) दर्ज कराया जाएगा। किशोरी द्वारा दिए जाने वाले बयान के आधार पर इस मामले में दुष्कर्म (Rape) और पॉक्सो एक्ट (Prevention of Children from Sexual Offences) की गंभीर धाराएं जोड़ी जाएंगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।