नई दिल्ली | बुधवार, 22 जुलाई 2026
प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक का अनशन एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने केंद्र सरकार के सामने अपना अनशन समाप्त करने को लेकर एक अहम और नई शर्त रख दी है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे अपना अनशन तभी तोड़ेंगे जब सरकार उन्हें यह लिखित या ठोस आश्वासन दे कि आंदोलन में भाग लेने वाले किसी भी छात्र या नागरिक के खिलाफ पुलिस या प्रशासन कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगा।
📩 केंद्रीय मंत्रियों को लिखा पत्र: “युवाओं का उत्पीड़न रोका जाए”
सोनम वांगचुक ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को एक पत्र भेजा है।
इस पत्र में उन्होंने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा:
“शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल हुए युवाओं और अन्य प्रतिभागियों के खिलाफ किसी भी तरह का मुकदमा, गिरफ्तारी, एफआईआर या प्रशासनिक उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। सरकार जब इस बात का ठोस भरोसा देगी, तभी मैं अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करूंगा।”
वांगचुक का कहना है कि युवा देश का भविष्य हैं और वे केवल व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे थे।
🏥 मेदांता अस्पताल में भर्ती, डॉक्टरों की टीम रख रही है निगरानी
दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय की पीठ के आदेश के बाद सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल (गुरुग्राम) स्थानांतरित किया गया था।
| स्वास्थ्य स्थिति | विवरण |
| वर्तमान स्थान | मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम (ICU 8) |
| चिकित्सकीय निगरानी | डॉ. सुशीला कटारिया एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम |
| वाइटल्स (Vitals) | फिलहाल स्थिर, परंतु लंबे अनशन के कारण निरंतर देखभाल की आवश्यकता |
| अदालत का आदेश | पत्नी गीतांजलि आंगमो को 24 घंटे मिलने और देखभाल की अनुमति |
🤝 विपक्षी सांसदों और समर्थकों की अपील
सोनम वांगचुक के अनशन के लगातार जारी रहने के बीच विपक्षी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी उनसे मुलाकात कर अनशन समाप्त करने की अपील की है। सांसदों का कहना है कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को संसद के आगामी सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा।
वहीं, आंदोलन से जुड़े छात्र संगठनों और उनके समर्थकों ने भी केंद्र सरकार से अपील की है कि वह वांगचुक के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए गतिरोध को दूर करने के लिए तुरंत संवाद की शुरुआत करे।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए क्या नई शर्त रखी है?
उन्होंने सरकार से यह आश्वासन मांगा है कि प्रदर्शन में शामिल युवाओं और समर्थकों के खिलाफ कोई पुलिस केस, गिरफ्तारी या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
2. सोनम वांगचुक इस समय किस अस्पताल में भर्ती हैं?
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित कर भर्ती किया गया है।
3. सोनम वांगचुक ने यह पत्र किन केंद्रीय मंत्रियों को भेजा है?
उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को पत्र लिखा है।
⚠️ डिस्क्लेमर (Disclaimer)
यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्टों और आधिकारिक बयानों के आधार पर केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। ताज़ा जानकारी और आधिकारिक अपडेट के लिए शासन या संबंधित संस्थानों की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों का अवलोकन करें।
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