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गोरखपुर को ₹995 करोड़ की सौगात: सीएम योगी ने सपा-कांग्रेस पर बोला हमला, कहा— “2017 से पहले दंगे और सिंडिकेट का था राज”

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

गोरखपुर। शुक्रवार, 24 जुलाई 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गृह जनपद गोरखपुर में विकास की नई इबारत लिखते हुए ₹995 करोड़ से अधिक लागत की 14 प्रमुख विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पिछली सरकारों पर जमकर निशाना साधा और कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता, दंगे और नौकरियों में पक्षपात चरम पर था।

सीएम योगी के इस भाषण से जुड़े मुख्य बिंदु और राजनीतिक व विकासात्मक पहलुओं का विस्तृत ब्योरा नीचे दिया गया है:

1. ₹995 करोड़ की परियोजनाओं से गोरखपुर का कायाकल्प

गोरखपुर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में बुनियादी ढांचे, जनसुविधाओं और शहरी विकास से जुड़ी 14 बड़ी योजनाओं की शुरुआत की गई। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि डबल इंजन की सरकार बिना किसी भेदभाव के विकास का लाभ हर गाँव, गरीब, किसान, युवा और महिला तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

2. “सपा-कांग्रेस ने नौजवानों के अधिकारों पर डकैती डाली”

विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच सपा, बसपा और कांग्रेस के दौर में प्रदेश का युवा बुरी तरह ठगा गया।

मुख्य आरोप:

  • 29 चीनी मिलें बंद: 10 वर्षों में 29 चीनी मिलों को औने-पौने दामों पर बेचकर बंद कर दिया गया, जिससे लाखों युवा और किसान बेरोजगार हुए।

  • सिपाही और भर्ती सिंडिकेट: नौकरियों पर सिंडिकेट का कब्जा रहता था और सिफारिश या भ्रष्टाचार के बिना सामान्य युवाओं को अवसर नहीं मिलता था।

“अब बिना सिफारिश मिल रही है नौकरी”

सीएम योगी ने गर्व से उल्लेख किया कि आज UP Public Service Commission (UPPSC) द्वारा चयनित उप जिलाधिकारी (SDM) या डिप्टी एसपी (DSP) और यूपी पुलिस भर्ती में गोरखपुर का युवा बिना किसी सिफारिश के अपनी योग्यता के बल पर चुना जा रहा है।

3. कानून-व्यवस्था और आस्था के मुद्दों पर तीखा तंज

2017 के पहले के उत्तर प्रदेश और वर्तमान स्थिति की तुलना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले हर त्योहार पर हिंसा और दंगे होते थे।

  • त्योहारों पर रोक: होली, दुर्गा पूजा, विजयादशमी, रामनवमी और जन्माष्टमी के आयोजनों पर बाधाएँ उत्पन्न की जाती थीं और कांवड़ यात्रा नहीं निकलने दी जाती थी।

  • आस्था के नए ‘ठेकेदार’: सीएम ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन्होंने राम भक्तों पर गोलियाँ चलवाईं और श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण को रोकने के लिए उच्चतम न्यायालय में अधिवक्ता खड़े किए, वे आज आस्था के सबसे बड़े “ठेकेदार” बनने का नाटक कर रहे हैं।

प्रमुख विकास तुलना: 2017 से पहले बनाम वर्तमान

विषय2017 से पहलेवर्तमान (डबल इंजन सरकार)
सरकारी भर्तियाँसिंडिकेट का कब्जा, भेदभाव व सिफारिशपारदर्शी व योग्यता आधारित चयन
उद्योग व मिलें29 चीनी मिलें बेची/बंद की गईंनए औद्योगिक गलियारे व निवेश
कानून-व्यवस्थात्योहारों पर दंगे, अराजकतासुदृढ़ सुरक्षा माहौल, भयमुक्त वातावरण
जन-योजनाएँचुनिंदा वर्गों/क्षेत्रों तक सीमितबिना भेदभाव हर गाँव व गरीब तक

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में कुल कितनी लागत की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया?

उत्तर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में ₹995 करोड़ से अधिक की लागत वाली 14 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

प्रश्न 2: सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर नौकरियों को लेकर क्या आरोप लगाए?

उत्तर: सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले सरकारी भर्तियों पर सिंडिकेट का कब्जा होता था और युवाओं के साथ भेदभाव किया जाता था, जबकि अब पूरी भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और योग्यता आधारित है।

प्रश्न 3: सीएम योगी के अनुसार 2007 से 2017 के बीच कितनी चीनी मिलें बंद हुई थीं?

उत्तर: मुख्यमंत्री के अनुसार 2007 से 2017 के बीच सपा, बसपा और कांग्रेस गठबंधन के कार्यकाल में प्रदेश की 29 चीनी मिलों को औने-पौने दामों पर बेचकर बंद कर दिया गया था।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख जनसभा में दिए गए सार्वजनिक भाषण और प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें प्रस्तुत विचार और राजनीतिक बयान वक्ता (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) के अपने व्यक्तिगत व राजनीतिक कथन हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।