लोड हो रहा है...

राष्ट्र सेविका समिति का काम – व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण – मनोज टाटा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
1 Min Read

तेर ईफाटक – राष्ट्र सेविका समिति शाखा तेर ईफाटक के द्वारा श्री गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। सर्वप्रथम सभी सेविकाओं के द्वारा ध्वज का पूजन कर अपना समर्पण भेंट किया।इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ झांसी विभाग के प्रचार प्रमुख मुख्य वक्ता तथा राष्ट्र सेविका समिति ललितपुर की जिला शारीरिक प्रमुख श्रेया दीदी उपस्थित रहीं।इस अवसर पर मुख्य वक्ता ने स्वयं सेविकाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र सेविका समिति महिलाओं का एक राष्ट्रीय स्वयंसेवी संगठन है। इसका उद्देश्य राष्ट्र प्रथम की भावना से महिलाओं को संगठित करके राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनना है।इसकी स्थापना 1936 में लक्ष्मीबाई केलकर मौसी जी के द्वारा नागपुर में की गयी।इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं में स्वाभिमान, स्वावलंबन, संस्कार और देशभक्ति का भाव जगाना है। हमें प्रतिदिन ‌समिति की‌ शाखा पर जाना चाहिए।

वर्ष में एक बार गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अपना समर्पण गुरु के समक्ष प्रस्तुत करते हैं।

इस अवसर पर रमा दीदी ,सृष्टि दीदी, सुभद्रा दीदी, अनामिका दीदी, अंजली दीदी समृद्धि दीदी, अक्षिता दीदी, काजल दीदी उपस्थित रहीं।

आप इस समाचार से संबंधित जानकारी अथवा अन्य ताज़ा ख़बरें सीधे उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं:

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।