शनिवार, अगस्त 29 2026 | 10:40:03 PM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन: भारत ने भेजी 11 सदस्यीय रेस्क्यू टीम, यूपी के सीमावर्ती जिलों में गंडक नदी को लेकर अलर्ट

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन: भारत ने भेजी 11 सदस्यीय रेस्क्यू टीम, यूपी के सीमावर्ती जिलों में गंडक नदी को लेकर अलर्ट

Follow us on:

नेपाल में बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य में जुटी रेस्क्यू टीम और उफनती गंडक नदी का दृश्य.
काठमांडू । शनिवार, 29 अगस्त 2026
नेपाल में हुई भारी बारिश और उसके बाद आए भीषण भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ और भूस्खलन की इस आपदा में अब तक 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। आपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने व्यापक स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किए हैं।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ: 11 सदस्यीय विशेष टीम रवाना

नेपाल में जारी संकट के बीच भारत ने अपने पड़ोसी देश की सहायता के लिए 11 सदस्यीय विशेष रेस्क्यू टीम भेजी है। यह टीम आधुनिक बचाव उपकरणों और राहत सामग्री के साथ नेपाल के दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में फंसे लोगों की तलाश तथा सुरक्षित निकासी में सहयोग करेगी। भारतीय दल स्थानीय बचाव एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर खोज अभियानों को तेज कर रहा है।

उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में अलर्ट: गंडक नदी पर पैनी नजर

नेपाल के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश का सीधा असर उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों पर पड़ा है। गंडक (नारायणी) नदी में बढ़ते जलस्तर और जलप्रवाह को देखते हुए उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिलों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
  • प्रशासन की तैयारी: स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे बसे संवेदनशील गांवों में मुनादी करवाई है और राहत-बचाव एजेंसियों (SDRF व तटबंध टीमों) को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
  • सुरक्षित निकासी की योजना: यदि जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाता है, तो निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सुरक्षित आश्रय स्थलों पर स्थानांतरित करने की पूरी व्यवस्था कर ली गई है।

नेपाल के सामने बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण की बड़ी चुनौती

बाढ़ और भूस्खलन के कारण नेपाल में सड़कें, प्रमुख पुल, बिजली आपूर्ति लाइनें और संचार तंत्र पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक, इस बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और प्रभावित आबादी के पुनर्वास के लिए अरबों डॉलर की आवश्यकता होगी। राहत अभियानों के साथ-साथ अब नेपाल प्रशासन के सामने जनजीवन को सामान्य पटरी पर लाने की चुनौती खड़ी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक कितना नुकसान हुआ है?
उत्तर: आपदा में 500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, सैकड़ों लापता हैं और सड़क, पुल तथा संचार जैसे बुनियादी ढांचे को अरबों डॉलर का नुकसान पहुंचा है।
Q2. भारत ने नेपाल की मदद के लिए क्या कदम उठाए हैं?
उत्तर: भारत ने दुर्गम इलाकों में बचाव कार्य के लिए 11 सदस्यीय विशेष रेस्क्यू टीम के साथ-साथ आवश्यक राहत सामग्री भेजी है।
Q3. गंडक नदी को लेकर उत्तर प्रदेश के किन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है?
उत्तर: नेपाल में बढ़े जलस्तर के प्रभाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख उपलब्ध प्राथमिक समाचार रिपोर्टों और प्रशासनिक जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। आपदा से संबंधित आंकड़े और जलस्तर की स्थिति समय के साथ बदल सकती है।
मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ और भूस्खलन के बाद मलबे में तब्दील क्षेत्र और बहती त्रिशूली नदी।

नेपाल-तिब्बत सीमा पर प्रकृति का तांडव: 392 की मौत, 1,468 लापता; नई बैरियर झील से मंडराया एक और विनाश का खतरा

काठमांडू । अपडेटेड : शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती पहाड़ी इलाकों …