शनिवार, अगस्त 29 2026 | 08:57:51 PM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / मोहन भागवत का न्यू यॉर्क दौरा: ISKCON मंदिर में सेवा और श्रीकृष्ण चेतना से विश्व शांति का संदेश

मोहन भागवत का न्यू यॉर्क दौरा: ISKCON मंदिर में सेवा और श्रीकृष्ण चेतना से विश्व शांति का संदेश

Follow us on:

Mohan Bhagwat participating in food service at ISKCON New York
न्यूयॉर्क । शनिवार, 29 अगस्त 2026
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत अपने अंतरराष्ट्रीय प्रवास (अमेरिका, कनाडा और यूके) के तहत न्यू यॉर्क पहुंचे हैं। न्यू यॉर्क दौरे के दौरान उन्होंने मैनहटन स्थित ईस्ट विलेज के ऐतिहासिक ISKCON मंदिर (भक्ति सेंटर) का दौरा किया।
यह वही पावन स्थान है जहाँ 1966 में ISKCON के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद ने इस वैश्विक आध्यात्मिक आंदोलन की नींव रखी थी। इस वर्ष जहाँ RSS अपने शताब्दी वर्ष (100 वर्ष) में प्रवेश कर रहा है, वहीं ISKCON अपनी स्थापना की 60वीं वर्षगांठ मना रहा है।

जरूरतमंदों के लिए भोजन सेवा (Zero Hunger Initiative)

मंदिर दौरे के दौरान मोहन भागवत ने बेघर और जरूरतमंद लोगों के लिए चलाए जा रहे भोजन वितरण अभियान (सेवा कार्य) में भाग लिया।
इस्कॉन की गवर्निंग बॉडी कमीशन (GBC) के सदस्य गौरांग दास के अनुसार, न्यू यॉर्क में पिछले एक वर्ष से ‘Zero Hunger New York’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अवसर पर सरसंघचालक ने 1,00,000वें भोजन थाली के वितरण का शुभारंभ किया।

श्रीकृष्ण चेतना: द्वंद्व से एकता का मार्ग

मंदिर में उपस्थित भक्तों और समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख ने कहा:
“आज की दुनिया में अनेक संघर्ष, विविधताएँ और मतभेद (द्वंद्व) हैं। इन सब के बीच केवल ‘चेतना’ ही एक ऐसी शक्ति है जो संपूर्ण मानवता को जोड़ सकती है। वह चेतना ‘श्रीकृष्ण चेतना’ है।”
उन्होंने बल देकर कहा कि यदि यह भावना हर मनुष्य के हृदय तक पहुंचे कि संपूर्ण सृष्टि श्रीकृष्ण का ही स्वरूप है, तो यह संसार भौतिकता से परे एक शांतिपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण स्थान बन सकता है।

भारतीय-अमेरिकी समुदाय और ‘वसुधैव कुटुंबकम’

भागवत के इस प्रवास के दौरान भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बीच ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (संपूर्ण विश्व एक परिवार है) के सनातन दर्शन पर चर्चा की जा रही है। इस दौरान आध्यात्मिकता, समाज सेवा, सांस्कृतिक जिम्मेदारी और सनातन धर्म को दैनिक जीवन में उतारने जैसे विषयों पर संवाद आयोजित किए गए।

USCIRF चेयर की मुलाकात की इच्छा

अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) के अध्यक्ष आसिफ महमूद ने सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ औपचारिक वार्ता की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि अवसर मिलने पर वे भागवत के साथ बैठकर संवाद स्थापित करना चाहेंगे।

मैडिसन स्क्वायर गार्डन में ‘Universal Oneness Celebration’

न्यू यॉर्क प्रवास का सबसे प्रमुख आकर्षण मैडिसन स्क्वायर गार्डन (Madison Square Garden) में आयोजित होने वाला ‘Universal Oneness Celebration’ कार्यक्रम है।
  • आयोजक: AHEAD (American Hindus for Engagement and Dialogue) फोरम एवं अन्य सामाजिक/सांस्कृतिक संस्थाएँ।
  • सहभागिता: अमेरिका के 39 राज्यों से 5,000 से अधिक भारतीय-अमेरिकी और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हो रहे हैं।
  • मुख्य उद्देश्य: वैश्विक शांति, भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और मानवता के बीच संवाद को बढ़ावा देना।

Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1. मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क में किस ऐतिहासिक मंदिर का दौरा किया?
उत्तर: उन्होंने मैनहटन (न्यू यॉर्क) स्थित ISKCON के ऐतिहासिक मंदिर (भक्ति सेंटर) का दौरा किया, जिसे 1966 में श्रील प्रभुपाद ने स्थापित किया था।
Q2. मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित कार्यक्रम का क्या नाम है?
उत्तर: मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित कार्यक्रम का नाम ‘Universal Oneness Celebration’ है।
Q3. ISKCON के किस विशेष अभियान में संघ प्रमुख ने भाग लिया?
उत्तर: उन्होंने बेघर लोगों की मदद के लिए चलाए जा रहे ‘Zero Hunger New York’ भोजन वितरण अभियान में भाग लिया।

Disclaimer

यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्टों एवं सार्वजनिक जानकारियों के आधार पर केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है।
मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ और भूस्खलन के बाद मलबे में तब्दील क्षेत्र और बहती त्रिशूली नदी।

नेपाल-तिब्बत सीमा पर प्रकृति का तांडव: 392 की मौत, 1,468 लापता; नई बैरियर झील से मंडराया एक और विनाश का खतरा

काठमांडू । अपडेटेड : शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती पहाड़ी इलाकों …