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जन्माष्टमी की यादों में बसी हैं बचपन की खूबसूरत परंपराएं, सन नियो के सितारों ने साझा किए खास पल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

एम.पी. /यू.पी., सितंबर 2026: जन्माष्टमी का त्योहार भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव होने के साथ-साथ बचपन की खूबसूरत यादों और परिवार की प्यारी परंपराओं से भी जुड़ा होता है। पूजा-पाठ, व्रत, घर की सजावट से लेकर माखन-मिश्री और स्वादिष्ट पकवानों तक इस त्योहार से जुड़ी कई यादें आज भी दिल के करीब हैं। सन नियो के सितारों हरिथि जोशी, अंकिता बहुगुणा और नेहा सोलंकी ने जन्माष्टमी से जुड़ी अपनी खास यादें और परंपराएं साझा कीं।

हरिथि जोशी, जो ‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ में तारा का किरदार निभा रही हैं, जन्माष्टमी का त्योहार अपने परिवार के साथ मनाना पसंद करती हैं। वह इस दिन घर को सजाने, भगवान कृष्ण की पूजा करने और परिवार के साथ मिलकर त्योहार का आनंद लेने में विश्वास रखती हैं। बचपन में वह राधा-कृष्ण का रूप भी धारण करती थीं और कृष्ण के भजन सुनना उन्हें आज भी पसंद है। उनके लिए जन्माष्टमी घर में भगवान कृष्ण की मूर्ति सजाने और परिवार के साथ खुशियां बांटने का खास मौका है।

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‘थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान’ में अनुप्रिया का किरदार निभा रहीं अंकिता बहुगुणा के लिए जन्माष्टमी बचपन की कई प्यारी यादें लेकर आती है। वह बताती हैं कि बचपन में वह इस दिन व्रत रखती थीं और मंदिर जाकर भगवान कृष्ण के दर्शन करती थीं। आधी रात को कृष्ण जन्म के बाद वह फलाहार करके अपना व्रत खोलती थीं। उन्हें अपनी दादी के हाथ की नारियल की बर्फी और पंजीरी आज भी याद हैं। उनके लिए मंदिरों में सजाई जाने वाली झांकियां भी जन्माष्टमी का खास हिस्सा रही हैं जिनमें भगवान कृष्ण के जीवन की अलग-अलग झलकियां दिखाई जाती थीं।

जल्द आने वाले धारावाहिक ‘राजनंदिनी’ में मुख्य भूमिका निभा रहीं नेहा सोलंकी के लिए जन्माष्टमी का त्योहार परिवार और बचपन की यादों से जुड़ा है। वह भगवान कृष्ण के लिए छोटा सा झूला सजाना और घर को खूबसूरती से सजाना पसंद करती हैं। त्योहार पर मिठाइयां बनाना और आधी रात को भगवान कृष्ण के जन्म का इंतजार करना भी उनके लिए खास होता है। नेहा बताती हैं कि उनकी मां जन्माष्टमी पर ताजा माखन-मिश्री बनाती हैं जिसका वह और उनके भाई बेसब्री से इंतजार करते हैं। कृष्ण जन्म के बाद माखन-मिश्री खाना उनके लिए इस त्योहार की सबसे प्यारी यादों में से एक है।

सन नियो के इन सितारों के लिए जन्माष्टमी सिर्फ पूजा और व्रत का त्योहार नहीं, बल्कि परिवार के साथ बिताए खूबसूरत पलों, बचपन की यादों और उन परंपराओं को दोबारा जीने का मौका भी है जो हर साल इस त्योहार को और खास बना देती हैं।

‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ हर सोमवार से शनिवार शाम 7 बजे, ‘थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान’ शाम 7:30 बजे प्रसारित होता है। वहीं ‘राजनंदिनी’ जल्द ही सिर्फ सन नियो पर आने वाला है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।