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दिल्ली के सत्य निकेतन में दर्दनाक हादसा: 5 मंजिला PG इमारत गिरने से 7 की मौत, 5 MCD अधिकारी निलंबित, मालिक गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
5 Min Read
नई दिल्ली | 
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली का सत्य निकेतन इलाका, जो दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के साउथ कैंपस के छात्रों का प्रमुख आवास केंद्र माना जाता है, अचानक एक बड़े हादसे का गवाह बना। यहाँ स्थित एक दशकों पुरानी पांच मंजिला PG/हॉस्टल इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस भयावह दुर्घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो चुकी है। घटनास्थल पर लगातार दूसरे दिन भी राहत एवं बचाव अभियान जारी रहा।

मलबे में जिंदगी की तलाश: रेस्क्यू ऑपरेशन का अपडेट

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से युद्ध स्तर पर अभियान चलाया।
  • सुरक्षित निकाले गए लोग: रेस्क्यू टीमों ने मलबे के नीचे से 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
  • मलबे की स्थिति: लगभग 80% मलबा हटाया जा चुका है। अब मुख्य ध्यान बेसमेंट क्षेत्र पर केंद्रित है, जहाँ और लोगों के फंसे होने की आशंका के तहत गहन तलाशी ली जा रही है।

प्रशासनिक कार्रवाई: 5 MCD अधिकारी निलंबित

हादसे की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। साउथ जोन के 5 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है:
  • डिप्टी कमिश्नर (DC)
  • सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE)
  • एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (EE)
  • असिस्टेंट इंजीनियर (AE)
  • जूनियर इंजीनियर (JE)
इन सभी निलंबित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने पर आगे कड़ी कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

पुलिस का शिकंजा: इमारत का मालिक गिरफ्तार

घटना के बाद से फरार चल रहे इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता (हरिराम बंसल) के खिलाफ पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मालिक को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है।
मामले में गैर-इरादतन हत्या और सुरक्षा मानकों की अनदेखी से जुड़ी धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस इमारत में जारी निर्माण, जीर्णोद्धार और ठेकेदारों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है।

हादसे के संभावित कारण: बेसमेंट का काम और बारिश

प्रारंभिक जांच और स्थानीय निवासियों के बयानों के अनुसार दुर्घटना के मुख्य कारणों में शामिल हैं:
  • बेसमेंट में निर्माण कार्य: हादसे के समय बेसमेंट में निर्माण व मरम्मत कार्य चल रहा था।
  • जलभराव व सीपेज: क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण बेसमेंट में पानी जमा हो गया था, जिससे इमारत की नींव कमजोर हो गई।
  • कमजोर संरचना: बिना खंभों (Pillars) के बनी दशकों पुरानी इस इमारत में पहले से दरारें और सीपेज की शिकायतें थीं।
(नोट: दुर्घटना के सटीक तकनीकी कारणों का खुलासा अंतिम फोरेंसिक और विभागीय जांच रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा।)

सख्त कदम: अनधिकृत निर्माणों की सीलिंग और स्ट्रक्चरल ऑडिट

इस त्रासदी के बाद दिल्ली सरकार और प्रशासन सख्त रुख अपना रहे हैं:
  1. अनधिकृत 5वीं मंजिलों पर सीलिंग: दिल्ली भर में पांचवीं या उससे अधिक अवैध मंजिलों वाली इमारतों को चिन्हित कर सील करने के निर्देश दिए गए हैं।
  2. जर्जर ढांचों का ध्वस्तीकरण: दुर्घटनाग्रस्त इमारत के निकट स्थित एक अन्य कमजोर ढांचे को नियंत्रित तरीके से ध्वस्त करने की योजना बनाई गई है।
  3. अनिवार्य सेफ्टी ऑडिट: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि छात्रों के PG, हॉस्टल, स्कूल और नर्सिंग होम जैसी सार्वजनिक उपयोग की सभी इमारतों के लिए नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट (Structural Audit) और सुरक्षा प्रमाणपत्र अनिवार्य किया जाएगा।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. सत्य निकेतन हादसे में कुल कितने लोगों की मृत्यु हुई है?
Ans: ताजा अपडेट के अनुसार हादसे में 7 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और 12 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
Q2. इमारत के मालिक को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
Ans: पुलिस ने फरार इमारत मालिक हरिराम गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया है।
Q3. हादसे के प्राथमिक कारण क्या माने जा रहे हैं?
Ans: पुरानी इमारत के बेसमेंट में चल रहा मरम्मत कार्य और बारिश के कारण हुआ जलभराव इसके प्राथमिक कारण माने जा रहे हैं।
Disclaimer: यह लेख शुरुआती मीडिया रिपोर्टों, पुलिस जांच और आधिकारिक प्रशासनिक बयानों पर आधारित है। हादसे का वास्तविक तकनीकी कारण आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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