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‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ के ‘शूरवीर’ गाने पर बढ़ा विवाद: जानें कॉपीराइट, लाइसेंसिंग और नैतिक अधिकारों का पूरा सच

Saransh Kanaujia
6 Min Read
मुंबई | 
पॉपुलर फ्रैंचाइज़ी ‘मिर्ज़ापुर’ की आगामी फीचर फिल्म ‘Mirzapur: The Movie’ अपनी घोषणा के बाद से ही सुर्खियों में है। हालाँकि, इस बार फिल्म अपनी कहानी के बजाय एक बड़े कानूनी विवाद को लेकर चर्चा में आ गई है। विवाद फिल्म में इस्तेमाल किए गए लोक-फ्यूजन ट्रैक ‘शूरवीर’ (Shoorveer) को लेकर शुरू हुआ है, जिसने संगीत उद्योग में एक बार फिर कलाकारों के अधिकारों और रिकॉर्ड लेबल्स के लाइसेंसिंग नियमों पर बहस छेड़ दी है।

क्या है पूरा मामला?

राजस्थान के प्रसिद्ध रैपर और संगीतकार Rapperiya Baalam (अशोक बिश्नोई) ने फिल्म के निर्माण संस्थान Excel Entertainment के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की घोषणा की है। बालाम का आरोप है कि फिल्म निर्माताओं ने उनके लोकप्रिय गीत ‘शूरवीर’ का उपयोग बिना उनकी पूर्व अनुमति, सहमति या उचित सूचना के किया है।
बालाम ने न केवल बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights) के उल्लंघन की बात कही है, बल्कि रचनात्मक प्रस्तुति पर भी गहरा एतराज जताया है। उनका कहना है कि यह गीत वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप और राजस्थानी शौर्य की गाथा को समर्पित एक सांस्कृतिक व ऐतिहासिक रचना है। इसे फिल्म के काल्पनिक गैंगस्टर किरदारों और हिंसक दृश्यों के साथ जोड़ना गीत की मूल आत्मा और सांस्कृतिक मूल्य का अपमान है।

रिकॉर्ड लेबल की सफाई: लाइसेंसिंग का कानूनी पक्ष

विवाद तूल पकड़ते ही इस गीत को जारी करने वाले म्यूजिक लेबल Trouper Records ने अपना आधिकारिक बयान जारी किया। लेबल के अनुसार, ‘शूरवीर’ गीत के व्यावसायिक और लाइसेंसिंग अधिकार कानूनी तौर पर उनके पास सुरक्षित हैं।
Trouper Records ने स्पष्ट किया कि उन्होंने Excel Entertainment को ‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ में इस गाने के उपयोग के लिए आधिकारिक लाइसेंस (Official Sync License) जारी किया है। इसलिए, निर्माताओं की ओर से किसी भी तरह का गैर-कानूनी इस्तेमाल नहीं हुआ है।

कानूनी पेंच: कमर्शियल राइट्स बनाम नैतिक अधिकार (Moral Rights)

यह मामला केवल पैसों या अनुमति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय कॉपीराइट कानून के एक बेहद महत्वपूर्ण और पेचीदा पहलू को सामने लाता है:
  1. मास्टर और पब्लिशिंग अधिकार (Master & Publishing Rights): अगर किसी कलाकार ने अपने गाने के कमर्शियल राइट्स किसी रिकॉर्ड लेबल को ट्रांसफर कर दिए हैं, तो कानूनन लेबल उस गाने को किसी भी फिल्म या प्लेटफॉर्म को री-लाइसेंस कर सकता है। ऐसे में Excel Entertainment कानूनी रूप से सही स्थिति में दिखता है।
  2. कलाकार के नैतिक अधिकार (Moral Rights – Section 57): भारतीय कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धारा 57 (Section 57) के तहत मूल रचनाकार को कुछ अटूट ‘नैतिक अधिकार’ प्राप्त होते हैं। इसके अनुसार, यदि किसी गीत या कलाकृति का ऐसा इस्तेमाल होता है जिससे कलाकार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचती है या रचना के मूल भाव का विकृतीकरण (Distortion) होता है, तो कलाकार कॉपीराइट बेचने के बाद भी इसके खिलाफ अदालत जा सकता है।

क्या हो सकता है आगे?

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Rapperiya Baalam और रिकॉर्ड लेबल के बीच शुरुआती एग्रीमेंट में कोई विशेष क्लॉज मौजूद था (जो ऐसी री-लाइसेंसिंग से पहले कलाकार की मंजूरी को अनिवार्य बनाता हो), तो बालाम का पक्ष मजबूत हो सकता है। इसके अतिरिक्त, धारा 57 के तहत ‘सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भावना के आहत होने’ का तर्क अदालत में इस केस को एक नया मोड़ दे सकता है।
फिलहाल, इस विवाद ने बॉलीवुड में रीजनल आर्टिस्ट्स के गानों का री-यूज़ करने के तरीके और क्रेडिट-पारदर्शिता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. ‘शूरवीर’ (Shoorveer) गाने का मूल रचनाकार कौन है?
उत्तर: इस गाने के मूल रचनाकार और गायक राजस्थानी कलाकार Rapperiya Baalam (अशोक बिश्नोई) हैं।
Q2. Rapperiya Baalam को ‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ के निर्माताओं से क्या आपत्ति है?
उत्तर: उनकी मुख्य आपत्ति यह है कि महाराणा प्रताप को समर्पित एक पवित्र और ऐतिहासिक गीत को फिल्म के गैंगस्टर किरदारों व हिंसक दृश्यों के लिए बिना उनकी सहमति के इस्तेमाल किया गया है।
Q3. क्या Excel Entertainment ने गाना अवैध तरीके से लिया है?
उत्तर: Trouper Records के अनुसार, Excel Entertainment ने गाने का आधिकारिक लाइसेंस लिया है। इसलिए निर्माताओं का पक्ष कानूनी रूप से सुरक्षित प्रतीत होता है, हालाँकि कलाकार का नैतिक अधिकारों को लेकर विरोध जारी है।
Q4. कॉपीराइट कानून की धारा 57 (Moral Rights) क्या है?
उत्तर: यह धारा मूल कलाकार को अधिकार देती है कि यदि उसकी कलाकृति का ऐसा इस्तेमाल हो जिससे उसकी प्रतिष्ठा या रचना के मूल भाव को नुकसान पहुँचे, तो वह कानूनी कार्रवाई कर सकता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध समाचारों, मीडिया रिपोर्ट्स और कानूनी व्याख्याओं पर आधारित एक विश्लेषणात्मक विवरण है। इसमें व्यक्त की गई जानकारी केवल पाठकों को विषय की जानकारी देने के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। इसका उद्देश्य किसी भी पक्ष (कलाकार, रिकॉर्ड लेबल या फिल्म निर्माता) के प्रति कानूनी फैसला सुनाना नहीं है। मामला फिलहाल विचाराधीन या विवादित श्रेणी में आता है।

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