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रूस में संसदीय चुनाव के अंतिम दिन बड़ा संकट: मॉस्को पर 1,600 से अधिक ड्रोन से हमला, रिफाइनरी और आवासीय इमारतें क्षतिग्रस्त

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मॉस्को । 
रूस में आयोजित तीन दिवसीय संसदीय चुनाव (18-20 सितंबर 2026) के अंतिम दिन राजधानी मॉस्को और उसके आसपास के क्षेत्रों में अब तक का सबसे भीषण और बड़ा ड्रोन हमला दर्ज किया गया। रूसी अधिकारियों और रक्षा मंत्रालय के अनुसार, शनिवार रात से शुरू हुई इस भीषण गोलाबारी के दौरान 1,600 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन को रूसी वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा निष्प्रभावी और नष्ट किया गया। इनमें से करीब 450 ड्रोन सीधे राजधानी मॉस्को को निशाना बनाकर भेजे गए थे।
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि यह संघर्ष की शुरुआत के बाद से राजधानी पर किया गया अब तक का सबसे बड़ा और सुनियोजित ड्रोन हमला था।

तेल रिफाइनरी और बहुमंजिला इमारत को भारी नुकसान

इस रणनीतिक हमले के दौरान कई महत्वपूर्ण नागरिक और औद्योगिक ढांचों को निशाना बनाया गया:
  1. मॉस्को ऑयल रिफाइनरी पर हमला: ड्रोन के हमले के बाद मॉस्को की प्रमुख तेल रिफाइनरी परिसर में स्थित एक इकाई में भीषण आग लग गई, जिससे ईंधन आपूर्ति और रणनीतिक सुविधाओं को आंशिक क्षति पहुँची।
  2. आवासीय क्षेत्र प्रभावित: मॉस्को क्षेत्र में एक 21-मंजिला आवासीय इमारत पर ड्रोन का मलबा (Debris) गिरने से इमारत का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
  3. हताहत और निकासी अभियान: इस आपदा में कम से कम 3 लोगों की मृत्यु हो गई और लगभग 20 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए प्रभावित आवासीय इलाके से लगभग 400 निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया।

मतदान प्रक्रिया को बाधित करने का आरोप

यह बड़ा हमला ठीक उस दिन हुआ जब रूस अपनी नई संसद (ड्यूमा) के चुनाव के तीन दिवसीय मतदान के अंतिम चरण में था।
  • रूसी अधिकारियों का दावा: मॉस्को प्रशासन और रूसी सरकार ने आरोप लगाया कि इस हमले का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों में भय पैदा करना और मतदान प्रक्रिया को बाधित करना था।
  • मतदान जारी रहा: मेयर सोबयानिन ने स्पष्ट किया कि वायु रक्षा अलर्ट और सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद चुनावी प्रक्रिया रोकी नहीं गई और मतदान केंद्रों पर काम सामान्य रूप से जारी रहा।

यूक्रेनी राष्ट्रपति का रुख और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

शुरुआत में यूक्रेन की ओर से औपचारिक बयान में हिचकिचाहट के बाद, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी करते हुए कहा कि यूक्रेनी बल रूस के उन ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचों को लगातार निशाना बना रहे हैं जो रूसी सैन्य अभियानों को फंडिंग और रसद प्रदान करते हैं। यूक्रेनी पक्ष के अनुसार, रूस की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए ऊर्जा क्षेत्र को ध्वस्त करना आवश्यक है।
दूसरी ओर, इस हमले के बाद मॉस्को ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि रूस इसके जवाब में यूक्रेन के खिलाफ अपने सैन्य अभियानों और मिसाइल हमलों को और अधिक तीव्र करेगा। इस घटनाक्रम से रूस-यूक्रेन संघर्ष में दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे के रणनीतिक, ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमलों के नए और भयावाह दौर की आशंका बढ़ गई है।

Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1: 20 सितंबर 2026 को मॉस्को में क्या घटना घटी?
Ans: रूस के तीन दिवसीय संसदीय चुनाव के अंतिम दिन मॉस्को पर 1,600 से अधिक ड्रोन से हमला किया गया, जिसमें से करीब 450 ड्रोन मॉस्को की ओर आ रहे थे।
Q2: इस ड्रोन हमले में कितना नुकसान हुआ?
Ans: हमले में मॉस्को ऑयल रिफाइनरी की एक सुविधा और एक 21-मंजिला आवासीय इमारत क्षतिग्रस्त हुई। घटना में 3 लोगों की मौत हुई, 20 घायल हुए और 400 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
Q3: क्या इस हमले से रूस की संसदीय चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई?
Ans: रूसी अधिकारियों के अनुसार, हमलों का उद्देश्य चुनाव बाधित करना था, लेकिन इसके बावजूद मतदान प्रक्रिया जारी रही।

Disclaimer

यह लेख 20 सितंबर 2026 को मॉस्को पर हुए ड्रोन हमलों और रूसी संसदीय चुनाव के संदर्भ में उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय समाचारों व आधिकारिक बयानों पर आधारित एक सूचनात्मक रिपोर्ट है। घटनाओं का विवरण और आंकड़े समय के साथ नए आधिकारिक अपडेट्स के आधार पर बदल सकते हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।