लोड हो रहा है...

एसआईआर विवाद पर निर्वाचन आयोग का बड़ा स्पष्टीकरण: जानें तीनों आयुक्तों के 13 अहम फैसले और मतदाताओं पर असर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
7 Min Read

नई दिल्ली |

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर हाल ही में जारी विवादों पर अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। आयोग ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि SIR से संबंधित सभी प्रमुख और नीतिगत निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए थे।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की उच्चस्तरीय बैठक में SIR के फैसलों, विभिन्न राज्यों के पुनरीक्षण कार्यक्रमों, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र पर विस्तृत स्पष्टीकरण दिया गया।

ECI की बैठक के 13 प्रमुख फैसले और स्पष्टीकरण

  1. SIR के फैसलों पर सर्वसम्मति: आयोग ने पुष्टि की कि विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े सभी महत्वपूर्ण फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से ही तय किए गए थे।
  2. 24 जून 2025 के आदेश की पुष्टि: देशव्यापी SIR प्रक्रिया शुरू करने से जुड़े 24 जून 2025 के मूल आदेश को सर्वसम्मति से दी गई मंजूरी को दोहराया गया।
  3. 12 राज्यों का कार्यक्रम: 27 अक्टूबर 2025 को घोषित 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के SIR कार्यक्रम को सर्वसम्मति से अनुमोदित बताया गया।
  4. 19 राज्यों का कार्यक्रम: 14 मई 2026 को घोषित 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के SIR कार्यक्रम को भी सर्वसम्मति से मंजूरी मिलने की बात कही गई।
  5. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला: आयोग ने 27 मई 2026 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत निर्धारित दिशानिर्देशों का उल्लेख किया।
  6. तीसरे चरण की स्थिति: शेष 12 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद ही कुल अंतिम मतदाता संख्या स्पष्ट होगी।
  7. कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र पर सफाई: आयोग ने कहा कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र किसी चुनाव नीति या IT विभाग की नीति से संबंधित नहीं था।
  8. प्रतिनियुक्त अधिकारी का मामला: यह पत्र केवल एक प्रतिनियुक्त अधिकारी के कामकाज और उसके द्वारा जारी कार्य-वितरण आदेशों से जुड़ा प्रशासनिक विषय था।
  9. IT विभाग की निगरानी: स्पष्ट किया गया कि उप चुनाव आयुक्त (DEC) की IT विभाग पर प्रशासनिक निगरानी कभी वापस नहीं ली गई थी।
  10. आगामी बैठकों का एजेंडा: पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से भविष्य की बैठकों का एजेंडा सदस्यों के बीच पहले से प्रसारित किया जाएगा।
  11. कार्यवृत्त (Minutes) जारी करना: आयोग की बैठकों के मिनट्स अब औपचारिक रूप से जारी किए जाएंगे।
  12. आयुक्तों के निर्देशों का अनुपालन: चुनाव आयुक्तों द्वारा अधिकारियों को दिए गए सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
  13. कानूनी व्यवस्था के अनुरूप प्रक्रिया: SIR से जुड़ी पूरी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं निर्धारित सांविधिक व्यवस्था के तहत ही संचालित हैं।

 

- Advertisement -

क्या है SIR विवाद और आयोग का रुख?

SIR (Special Intensive Revision) का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शत-प्रतिशत त्रुटिहीन बनाना है। इसके तहत घर-घर जाकर सत्यापन, मतदाताओं के विवरण की जांच और अपात्र या दोहरे नामों को हटाने का कार्य किया जाता है।

विवाद के केंद्र में यह खबरें थीं कि चुनाव आयुक्तों के बीच नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम हटाने या बहाल करने तथा चुनावी डेटा एक्सेस को लेकर मतभेद थे। निर्वाचन आयोग ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि बहु-सदस्यीय संस्थाओं में आंतरिक विचार-विमर्श, सुझाव और आपत्तियां एक सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जो अंततः सर्वसम्मत निर्णय में परिणत होती हैं।

विभिन्न राज्यों में SIR की समयसीमा

विभिन्न राज्यों में दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए आयोग ने समयसीमा निर्धारित की है:

राज्य / केंद्रशासित प्रदेशदावों एवं आपत्तियों की अंतिम तिथिनिपटारे की अंतिम तिथि
महाराष्ट्र12 अक्टूबर10 नवंबर
दिल्ली30 अक्टूबर30 नवंबर

 

मतदाताओं के लिए आवश्यक कदम

  • नामांकन की जांच करें: Voter Helpline App या ECI पोर्टल के माध्यम से अपना नाम और मतदान केंद्र अवश्य जांचें। नागरिक सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण टूल्स के लिए आप Top 10 Essential Government Apps Guide on Matribhumi Samachar पढ़ सकते हैं।
  • नोटिस का त्वरित उत्तर दें: यदि SIR के तहत कोई सत्यापन नोटिस प्राप्त होता है, तो दी गई समयसीमा के भीतर जवाब दें।
  • दस्तावेज संभाल कर रखें: पते या नाम में संशोधन के लिए वैध पहचान पत्र एवं निवास प्रमाण पत्र तैयार रखें।
  • अंतिम सूची का अवलोकन करें: राज्य स्तरीय अंतिम मतदाता सूची जारी होने पर अपना नाम पुनः सुनिश्चित करें।

FAQ

Q1. SIR का मुख्य उद्देश्य क्या है?

- Advertisement -

उत्तर: SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना, दोहरे या फर्जी नामों को हटाना और योग्य नागरिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करना है।

Q2. क्या SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हट सकता है?

उत्तर: यदि कोई मतदाता दिए गए पते पर नहीं पाया जाता या दस्तावेज अपूर्ण हैं, तो उचित नोटिस के बाद ही नाम हटाने की कार्यवाही की जाती है।

Q3. मैं अपना नाम voter list में कैसे ऑनलाइन चेक कर सकता हूँ?

उत्तर: आप ECI के Voter Helpline Mobile App या आधिकारिक पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाकर EPIC नंबर या नाम से विवरण जांच सकते हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा जारी आधिकारिक बयानों, प्रेस वार्ताओं और उपलब्ध सार्वजनिक दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है। मतदाता सूची से जुड़ी किसी भी आधिकारिक कार्यवाही या समयसीमा के लिए आधिकारिक ECI वेबसाइट (eci.gov.in) पर विजिट करें।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।