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उज्जैन शाही मस्जिद सड़क चौड़ीकरण विवाद: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, समझौते के तहत होगी कार्रवाई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

भोपाल।

उज्जैन के कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर मार्ग पर स्थित लगभग 650 साल पुरानी ऐतिहासिक शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (इंदौर पीठ) ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दाखिल अपील खारिज कर दी है। अदालत ने उज्जैन नगर निगम और मस्जिद प्रबंधन समिति के बीच बनी आपसी सहमति तथा शर्तों को रिकॉर्ड पर लेते हुए स्पष्ट किया है कि नगर निगम द्वारा दिए गए आश्वासन उसके लिए बाध्यकारी (Binding) होंगे।

इस फैसले के साथ ही सिंहस्थ कुंभ 2028 की महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के तहत सड़क विस्तार का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

 

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क्या है पूरा मामला? (Background & Core Issue)

वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले धार्मिक समागम सिंहस्थ कुंभ को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख मार्गों के सुदृढ़ीकरण और यातायात प्रबंधन की व्यापक योजना लागू की जा रही है।

  • परियोजना क्षेत्र: कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर मार्ग।
  • प्रस्तावित चौड़ाई: मार्ग को 15 मीटर तक चौड़ा किया जाना है।
  • विवाद की वजह: मास्टर प्लान की सीमा में शाही मस्जिद का अग्रिम भाग (लगभग 9 फीट × 4 फीट) प्रभावित हो रहा था।
  • कानूनी लड़ाई: मस्जिद समिति (शाही मस्जिद वक्फ पंचायत मोचियान) ने कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में दो रिट याचिकाएं दायर की थीं, जिन्हें एकलपीठ ने 9 सितंबर 2026 को खारिज कर दिया था। इसके बाद युगलपीठ (Division Bench) के समक्ष अपील दायर की गई।

समझौते और हाईकोर्ट के फैसले के प्रमुख प्रावधान

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पक्षकारों के बीच प्रस्तुत सहमति और नगर निगम के हलफनामे को संज्ञान में लेते हुए निम्नलिखित निर्देश दिए:

  1. सीमाबद्ध निष्कासन: सड़क चौड़ीकरण की 15 मीटर की जद में आने वाले प्रभावित हिस्से को हटाने का काम योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
  2. बाध्यकारी आश्वासन: नगर निगम ने मस्जिद संरचना के पुनर्निर्माण, सुरक्षा और विस्थापन के संबंध में जो आश्वासन दिए हैं, वे प्रशासनिक स्तर पर कानूनी रूप से बाध्यकारी रहेंगे।
  3. सार्वजनिक हित सर्वोपरि: अदालत ने माना कि यातायात सुगमता और सिंहस्थ 2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 

28 सितंबर को मौके पर तनाव और सुरक्षा व्यवस्था

कार्रवाई के दौरान छत्री चौक और गोपाल मंदिर इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई:

  • विरोध और पथराव: मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया शुरू होने के दौरान विरोध प्रदर्शन और पथराव की घटनाएं हुईं, जिसमें एक पुलिस अधिकारी सहित कुछ कर्मी चोटिल हुए।
  • प्रशासनिक नियंत्रण: पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने स्थिति पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और पूरे इलाके की ड्रोन से निगरानी की।
  • अपील: शहर काजी और मस्जिद समिति ने शांति बनाए रखने तथा कानूनी प्रक्रिया और आपसी समझौते के अनुपालन की अपील की।

सिंहस्थ कुंभ 2028 विकास योजना

उज्जैन डेवलपमेंट प्लान 2035 के तहत कंठाल-गोपाल मंदिर मार्ग के 730 से 900 मीटर लंबे हिस्से के चौड़ीकरण परियोजना पर लगभग ₹9.80 करोड़ की स्वीकृत लागत से कार्य चल रहा है। इस परियोजना में लगभग 270 से अधिक अन्य संरचनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. हाईकोर्ट ने उज्जैन शाही मस्जिद मामले में क्या आदेश दिया?

उत्तर: हाईकोर्ट ने मस्जिद प्रबंधन की अपील खारिज करते हुए नगर निगम और प्रबंधन के बीच हुए समझौते के आधार पर सड़क चौड़ीकरण की अनुमति दी तथा निगम के आश्वासनों को बाध्यकारी घोषित किया।

Q2. शाही मस्जिद का कितना हिस्सा सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहा है?

उत्तर: सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना के तहत मस्जिद का अग्रिम संरचनात्मक हिस्सा (लगभग 9 फीट × 4 फीट) प्रभावित हो रहा है।

Q3. यह चौड़ीकरण कार्य किस परियोजना का हिस्सा है?

उत्तर: यह निर्माण कार्य उज्जैन में आयोजित होने वाले ‘सिंहस्थ कुंभ 2028’ के लिए यातायात प्रबंधन और आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने का हिस्सा है।

 

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह समाचार लेख न्यायालय के फैसलों, उज्जैन नगर निगम के आधिकारिक बयानों और स्थानीय प्रशासनिक रिपोर्टों पर आधारित है। समाचार का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है।

 

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।