कोलकाता।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) को अपने चार डेबिट-फ्रीज (Debit-Frozen) बैंक खातों के संचालन को लेकर सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) से कोई तत्काल राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने इन बैंक खातों को अनफ्रीज करने या इनके संचालन की अनुमति देने संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया है। इन खातों में करीब ₹804 करोड़ की भारी भरकम राशि जमा है।
सुप्रीम कोर्ट का रुख और संविधान का अनुच्छेद 136
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश (Justice M.M. Sundresh) और न्यायमूर्ति बी. वराले (Justice B. Varale) की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि वह इस चरण पर संविधान के अनुच्छेद 136 (Article 136) के तहत अपनी विशेष शक्तियों का प्रयोग करने की इच्छुक नहीं है।
पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले के गुण-दोष (Merits) पर टिप्पणी किए बिना, कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) से यह अनुरोध किया जाता है कि वह इस लंबित याचिका पर सुनवाई की प्रक्रिया में तेजी लाए।
क्या है ₹804 करोड़ के बैंक खातों का विवाद?
यह मामला पश्चिम बंगाल पुलिस और संबंधित एजेंसियों द्वारा की गई जांच के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में मौजूद चार बैंक खातों को डेबिट–फ्रीज किए जाने से जुड़ा है।
- TMC का पक्ष: तृणमूल कांग्रेस ने अदालत से इन खातों को संचालित करने की मांग की थी ताकि पार्टी अपने नियमित सांगठनिक और कानूनी खर्चों को पूरा कर सके। पार्टी का तर्क था कि खातों को फ्रीज करने से संबंधित प्रक्रियागत कदम नियमानुकूल नहीं थे।
- धन के अधिकार का कानूनी विवाद: इन खातों में रखी लगभग ₹804 करोड़ की धनराशि के असल अधिकार (Entitlement to funds) को लेकर कानूनी जंग जारी है। पार्टी के भीतर के विभिन्न दावों और चुनाव आयोग के समक्ष विचाराधीन विषयों के कारण फंड पर मालिकाना हक अभी न्यायिक समीक्षा के दायरे में है।
अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद गेंद अब कलकत्ता हाईकोर्ट के पाले में है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए निर्देशों के तहत:
- कलकत्ता हाईकोर्ट मुख्य कानूनी विवाद और पार्टी फंड पर दावे से संबंधित मामले पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करेगा।
- बैंक खातों का फ्रीज हटेगा या नहीं, और इनमें रखी ₹804 करोड़ की राशि का इस्तेमाल कौन कर सकेगा, इसका अंतिम निर्णय हाईकोर्ट की न्यायिक प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही सामने आएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या सुप्रीम कोर्ट ने TMC के बैंक खातों पर अंतिम फैसला दिया है?
उत्तर: नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने केवल इस स्तर पर अनुच्छेद 136 के तहत हस्तक्षेप करने से इनकार किया है और कलकत्ता हाईकोर्ट को मामले की जल्द सुनवाई करने का निर्देश दिया है।
प्रश्न 2: TMC के इन चार बैंक खातों में कितनी राशि जमा है?
उत्तर: इन चार डेबिट-फ्रीज बैंक खातों में करीब ₹804 करोड़ की राशि होने की बात सामने आई है।
प्रश्न 3: सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 136 का उल्लेख क्यों किया?
उत्तर: संविधान का अनुच्छेद 136 सुप्रीम कोर्ट को हाईकोर्ट या ट्रिब्यूनल के किसी भी आदेश के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका (SLP) स्वीकार करने का अधिकार देता है। पीठ ने कहा कि इस चरण पर इस शक्ति का प्रयोग करने का आधार नहीं बनता।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख उपलब्ध प्राथमिक कानूनी सूचनाओं और रिपोर्टों पर आधारित एक सूचनात्मक प्रस्तुति है। इसमें व्यक्त कानूनी बिंदु अदालत की कार्यवाहियों और न्यायिक टिप्पणियों को दर्शाते हैं। इसका उद्देश्य किसी भी पक्ष के संदर्भ में कानूनी परामर्श देना नहीं है।
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