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संतोष दावखर की साइकोलॉजिकल थ्रिलर ‘गोंधल’, भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री, 9 अक्टूबर से विशेष प्रीव्यू के लिए तैयार; छह भाषाओं में होगी दुनिया भर में रिलीज़

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई, अक्टूबर, 2026: 99वें अकादमी अवॉर्ड्स के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि चुने जाने के बाद से ही ‘गोंधल’ भारत और दुनियाभर के फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। अब फिल्म के निर्माता दर्शकों को एक विशेष थिएट्रिकल अनुभव देने के लिए तैयार हैं। 9 अक्टूबर से फिल्म की विशेष प्रीव्यू स्क्रीनिंग शुरू होगी। संतोष दावखर द्वारा लिखित और निर्देशित यह मराठी साइकोलॉजिकल थ्रिलर व्यापक वैश्विक थिएट्रिकल रिलीज़ से पहले मुंबई, पुणे, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु में प्रीव्यू स्क्रीनिंग के साथ दर्शकों तक पहुँचेगी।

विशेष प्रीव्यू 9 अक्टूबर से मुंबई और पुणे के चार-चार थिएटर्स में शुरू होंगे। इसके बाद दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में भी स्क्रीनिंग आयोजित की जाएगी। मराठी और हिंदी में प्रस्तुत ये विशेष प्रीव्यू दर्शकों को फिल्म की व्यापक बहुभाषी रिलीज़ से पहले इसे बड़े पर्दे पर देखने का अवसर देंगे।

संतोष दावखर द्वारा लिखित और निर्देशित ‘गोंधल’ महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा ‘गोंधल’ से प्रेरित है। यह एक पारंपरिक अनुष्ठानिक लोक प्रदर्शन है, जो आमतौर पर पूरी रात आयोजित किया जाता है और जिसमें भक्ति कथाओं, संगीत, वाद्य-ताल और नृत्य का संगम देखने को मिलता है। फिल्म इस गहराई से जुड़ी सांस्कृतिक परंपरा को एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर के केंद्र में रखती है, जहां परंपरा, इच्छाएँ, मानवीय भावनाएं और छिपे हुए तनाव आपस में टकराते हैं।

फिल्म में ईशिता देशमुख, किशोर कदम और योगेश सोहनी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म ग्रामीण महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विशिष्टता को ऐसे मनोवैज्ञानिक और मानवीय विषयों के साथ जोड़ती है, जो भाषा और भौगोलिक सीमाओं से परे हैं।

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‘गोंधल’ ने अब तक एक उल्लेखनीय फिल्म फेस्टिवल सफर भी तय किया है। हाल ही में फिल्म के निर्माताओं और कलाकारों को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने सम्मानित किया। संतोष दावखर को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (आईएफएफआई) में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के लिए सिल्वर पीकॉक से सम्मानित किया गया, जबकि ‘गोंधल’ को बेंगलुरु इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में एफआईपीआरईएससीआई अवॉर्ड भी मिला। इसके बाद फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा 99वें अकादमी अवॉर्ड्स के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि चुने जाने के साथ फिल्म ने अपनी अंतर्राष्ट्रीय यात्रा के एक नए चरण में प्रवेश किया है।

विशेष प्रीव्यू को लेकर संतोष दावखर ने कहा, “हमारे लिए ये प्रीव्यू सिर्फ शुरुआती स्क्रीनिंग नहीं हैं, बल्कि ‘गोंधल’ को उन दर्शकों तक दोबारा ले जाने का अवसर हैं, जिनके लिए थिएट्रिकल अनुभव हमेशा से फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। यह कहानी महाराष्ट्र की सांस्कृतिक मिट्टी से जन्मी है और हमारा हमेशा से विश्वास रहा है कि इसके वातावरण, ध्वनि और दृश्य संसार को थिएटर में सामूहिक रूप से अनुभव किया जाना चाहिए। ऑस्कर में भारत का प्रतिनिधित्व करने का सम्मान मिलने के बाद दर्शकों के लिए फिल्म के दरवाजे खोलना और उन्हें ‘गोंधल’ का अनुभव खुद करने देना हमारे लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। मैं उम्मीद करता हूँ कि दर्शक बिना किसी पूर्वधारणा के थिएटर में प्रवेश करें और कहानी, संस्कृति तथा इसकी मनोवैज्ञानिक यात्रा को खुद महसूस होने दें।”

विशेष प्रीव्यू के बाद ‘गोंधल’ मराठी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में दुनिया भर में व्यापक थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए तैयार है। इस तरह महाराष्ट्र की मिट्टी से गहराई से जुड़ी यह कहानी भारत और विदेशों के विभिन्न भाषाई दर्शकों तक पहुँचेगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।